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इन्दौर: शहर में कहीं भी ड्रेनेज के नीचे पीने के पानी की लाइन नहीं डाली जाएगी

January 10, 2026

  • मुख्यमंत्री के एडीसी नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारियों का भागीरथपुरा दौरा
  • भागीरथपुरा में सार्वजनिक शौचालयों के सेप्टिक टैंक जांचेंगे

इन्दौर। भागीरथपुरा (Bhagirathpura) क्षेत्र में लगातार सामने आ रही गंदे पानी और सीवरेज (Sewerage) की शिकायतों को लेकर प्रशासन (Administration)  अब सख्त मूड में नजर आया। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और इंदौर के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन भागीरथपुरा क्षेत्र के भ्रमण पर पहुंचे । वे यहां विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। साथ ही नागरिकों से जानकारी भी ले रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र का दौरा कर डाली जा रही सीवरेज और वाटर लाइन का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने साफ कहा कि अब एक भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


  • निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने पूछा कि क्या कहीं घर-मकान या रास्ते को लेकर कोई अड़चन आ रही है। लाइन की गहराई कितनी है और क्या पुरानी लाइन के ऊपर ही नई लाइन डाली जा रही है। उन्होंने हर सार्वजनिक शौचालय के सेप्टिक टैंक की मॉनीटरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से इनकी न तो सफाई हुई और न ही निस्तारण लाइन की सही जांच की गई। यही वजह है कि नर्मदा लाइन में गंदगी पहुंचने जैसी गंभीर घटनाएं सामने आईं। अपर मुख्य सचिव ने उस सुलभ शौचालय का विशेष निरीक्षण किया, जहां से गंदा पानी नर्मदा लाइन में मिला था। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों के सेप्टिक टैंक तत्काल साफ कराए जाएं और उनकी निस्तारण लाइन की दोबारा पूरी जांच की जाए। साथ ही अवैध कनेक्शनों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।

    बैकलाइन में अतिक्रमण से पार्षद का इनकार
    भागीरथपुरा में करीब 50 गलियां हैं, जिनमें कई बैकलाइन के रूप में इस्तेमाल होती हैं, लेकिन उन पर अतिक्रमण की शिकायतें भी सामने आईं। हालांकि पार्षद ने अतिक्रमण से इनकार किया, लेकिन बरसाती पानी के लिए बनाए गए नालों पर फर्शियां डालकर कब्जे की बात जांच में उभरकर आई। इस पर अपर मुख्य सचिव ने दो टूक कहा कि बारिश से पहले सभी लाइनों की सफाई और जांच अनिवार्य है। नई और पुरानी बस्ती के बीच सप्लाई व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए गए कि पहले नई बस्ती की टेस्टिंग कर सुरक्षित सप्लाई शुरू की जाए। टैंकर चालकों से सप्लाई की स्थिति भी पूछी गई। अंत में उन्होंने चेताया कि बारिश के पहले सडक़ें दुरुस्त हों और ऐसी गलती दोबारा न हो, वरना जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई तय है।

    संजीवनी क्लिनिक में सिर्फ एक ही बेड पर किया जा रहा इलाज
    संजीवनी क्लिनिक पर सिर्फ एक ही बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जिसे देख उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं बस्तियों में ज्यादा होनी चाहिए। दवाइयों की उपलब्धता और अन्य मुद्दों की भी उन्होंने की। हालांकि दोनों अधिकारी बार-बार यही कहते नजर आए कि भागीरथपुरा से सीख लेकर अब पूरे प्रदेश के ही सीवरेज साफ कराए जाएंगे और पीने के पानी की व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर किए जा रहे सर्वे को लेकर अधिकारी संतुष्ट नजर आए उन्होंने घर में दी जा रही किट और दवाइयां का अवलोकन किया और पूछा कि हर मरीज का ग्लूकामीटर से शुगर और ब्लड प्रेशर चेक किया जा रहा है ।

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