
फूटी कोठी, नेहरू पार्क, लालाराम नगर व सिरपुर के पास की जमीन नीलाम करेंगे
कहीं पर जमीन का उपयोग है आमोद-प्रमोद तो कहीं है आवासीय ठ्ठ नीलाम की जा रही जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन से कीमत 26.5 करोड़
इंदौर। इंदौर (Indore) नगर निगम (Municipal council) तंगहाली (poverty) से उबरने के लिए अपनी जमीन नीलामी के माध्यम से बेचने जा रहा है। इसके लिए नगर निगम की लीज शाखा द्वारा फूटी कोठी, सिरपुर, लालाराम नगर और नेहरू पार्क के पास की जमीन को नीलामी से बेचने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव महापौर परिषद की कल होने जा रही बैठक में रखा जा रहा है। जिस जमीन को नीलामी से बेचने की योजना है उसकी कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से कीमत 26.5 करोड़ रुपए है। इंदौर के मास्टर प्लान में इन जमीनों का उपयोग आमोद-प्रमोद तथा आवासीय है।
इंदौर नगर निगम की माली हालत पिछले काफी समय से बहुत खराब चल रही है। स्थिति ऐसी है कि नगर निगम के पास अपने कर्मचारियों को वेतन बांटने के लिए भी पैसा नहीं होता है। निगम द्वारा आए दिन बैंक से ओवरड्राफ्ट के माध्यम से पैसा लेकर काम चलाया जा रहा है। नगर निगम द्वारा ठेकेदारों से कराए गए विकास कार्यों का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। ठेकेदारों को भुगतान नहीं होने के कारण उनके द्वारा नगर निगम के टेंडर में भाग लेना बंद कर दिया गया है। इस स्थिति के चलते अब नगर निगम द्वारा विकास कार्य करने के लिए जारी किए जाने वाले टेंडर खाली रहते हैं। कोई भी ठेकेदार टेंडर लेकर काम करने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। इस स्थिति से उभरने के लिए इंदौर नगर निगम द्वारा अब एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसके तहत नगर निगम द्वारा शहर में चार अलग-अलग स्थानों पर मौजूद अपनी जमीन को नीलामी के माध्यम से बेचने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नगर निगम की महापौर परिषद की कल गुरुवार को होने जा रही बैठक में उक्त चारों स्थानों की जमीन को नीलामी से बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा गया है। इन जमीनों को बेचकर नगर निगम पैसा अर्जित करना चाहता है और उस पैसे से अपने कामकाज को आगे बढ़ाना चाहता है। नगर निगम द्वारा अपने स्वामित्व की अनुपयोगी जमीन को नीलामी के माध्यम से बेचने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मध्यप्रदेश शासन के अचल संपत्ति अंतरण नियम 2016 संशोधित 2021 और 2023 के नियम पांच एक में सक्षम प्राधिकारियों को अंतरण की शक्ति दी गई है। इन शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर निगम द्वारा नेहरू पार्क के तरुण पुष्कर के पीछे की खसरा नंबर 873 की 743 वर्गमीटर जमीन को नीलामी के माध्यम से बेचा जाएगा। इस जमीन का उपयोग आमोद-प्रमोद है। कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से इस जमीन का रेट 58000 प्रति वर्गमीटर है। इस तरह से यह जमीन 4.95 करोड़ की हो रही है। निगम द्वारा इस जमीन को भूस्वामी के अधिकार पर दिया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम सिरपुर के खसरा नंबर 526/1/2 की 3512 वर्गमीटर जमीन को भी बेचने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह जमीन हवा बंगला के समीप है। इस जमीन का उपयोग भी आमोद-प्रमोद है। इस स्थान पर कलेक्टर गाइडलाइन 47000 रुपए प्रति वर्गमीटर की है। इस जमीन का कलेक्टर गाइडलाइन से मूल्य 16.50 करोड़ रुपए होता है। इसके साथ ही खजरानी के खसरा नंबर 324/2 की 2117 वर्गमीटर जमीन को भी बेचने का फैसला लिया जा रहा है। यह जमीन पंचम की फैल में दीपिका स्कूल के पास में है। इस जमीन का उपयोग आवासीय एवं मार्ग है। कलेक्टर गाइडलाइन इस जमीन की 20000 प्रति वर्गमीटर की है। इस गाइडलाइन के हिसाब से यह जमीन 4.23 करोड़ रुपए की है। नगर निगम द्वारा ग्राम पीपल्याहाना के खसरा नंबर 84, 85 और अन्य की 419.65 वर्गमीटर जमीन को भी नीलामी में लाया जा रहा है। यह जमीन लालाराम नगर में सेंट पॉल स्कूल के सामने है। इंदौर के मास्टर प्लान में इस जमीन का उपयोग आवासीय है। इस जमीन का क्षेत्रफल 19.5 बाय 21.80 स्क्वेयर मीटर है। इस जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन में कीमत 17600 रुपए प्रति वर्गमीटर है। इस हिसाब से जमीन की कुल कीमत 73.85 लाख रुपए होती है।
नहीं सुधर पाएगी निगम की आर्थिक सेहत
निगम द्वारा जो चार जमीनों का नीलामी के माध्यम से विक्रय करने का फैसला लिया जा रहा है, इससे जो राशि प्राप्त होगी उससे नगर निगम की आर्थिक सेहत नहीं सुधर पाएगी। जिस नगर निगम का प्रतिमाह का करीब 100 करोड़ रुपए का निश्चित खर्च है उस नगर निगम में मात्र 26 करोड़ रुपए की जमीन की नीलामी से कोई बहुत ज्यादा धन नहीं आ जाएगा। इस बारे में निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह तो शुरुआती प्रयोग है। यह पहला मौका है, जब नगर निगम द्वारा नीलामी के माध्यम से अपनी जमीन को बेचने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस पर जो रिस्पॉन्स मिलेगा उसके आधार पर निगम द्वारा आगे भी इस प्रक्रिया को चलाया जाएगा और फिर जमीनों को बेचकर धन अर्जित कर निगम की आर्थिक सेहत को सुधारा जाएगा।
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