
इंदौर। नगर निगम शहर की सडक़ों को चकाचक करने के लिए स्वीपिंग मशीनें लगाता है। यह मशीनें पूर्व में भी किराए पर ली गई थीं, जिनका अनुबंध खत्म हो गया है। अब नए सिरे से 30 स्वीपिंग मशीनें किराए पर ली जा रही हैं, जिनका हर वर्ष 38 करोड़ रुपए भुगतान किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम द्वारा शहरभर में कई कार्य कराए जाते हैं और सडकों को चकाचक करने के लिए नए-नए प्रयोग होते हैं। निगम ने पूर्व में अलग-अलग फर्मों से 23 स्वीपिंग मशीनें किराए पर ली थीं, जिनका हर माह 2 करोड़ 30 लाख रुपए भुगतान किया जाता था और इन मशीनों को शहर के प्रमुख मार्गों पर भेजकर सडक़ें चकाचक की जाती थीं। निगम अफसरों के मुताबिक निगम के पास खुद की स्वीपिंग मशीनें नहीं हैं, बल्कि हर साल यह किराए पर ली जा रही हैं। इस बार भी नगर निगम 30 स्वीपिंग मशीनें किराए पर लेगा, जिसके लिए आज टेंडर जारी किए गए हैं। इस पर नगर निगम को हर साल लगभग 38 करोड़़ से अधिक की राशि खर्च करना होगी। स्वीपिंग मशीनों का कार्य झोनल अधिकारियों और संबंधित सीएसआई के निर्देश पर किया जाता है और अलग-अलग अधिकारी इसकी मॉनीटरिंग करते हैं, ताकि जिन स्थानों पर कार्य हो रहे हैं, वहां सडक़ें पूरी तरह चकाचक हो सकें।
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