
ई-रिक्शा से लेकर डंपर और कृषि-कंस्ट्रक्शन वाहनों के मालिक परेशान, एटीएस में ही फिटनेस कराने की मजबूरी
केंद्र सरकार ने 23 सितंबर को दी थी एटीएस के बजाय आरटीओ में मैनुअल फिटनेस टेस्ट की अनुमति
इंदौर। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में फिटनेस जांच (Fitness check) की परेशानियों से वाहन मालिकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार (Central government) ने 28 श्रेणी के वाहनों की फिटनेस आरटीओ (RTO) में मैनुअल तरीके से करने की अनुमति दी थी, लेकिन मध्यप्रदेश में आदेश जारी होने के करीब 25 दिन बाद भी यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने परिवहन विभाग के पोर्टल पर जरूरी बदलाव नहीं किए हैं। इसके चलते वाहन मालिकों को अब भी एटीएस में ही फिटनेस करानी पड़ रही है, जहां जटिल प्रक्रिया और अवैध वसूली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 23 सितंबर 2026 को आदेश जारी करते हुए 28 अलग-अलग श्रेणी के वाहनों की फिटनेस जांच के लिए एटीएस के बजाए पहले की ही तरह आरटीओ में मैनुअल तरीके से करने की अनुमति दी थी। इनमें ई-रिक्शा, डंपर, कृषि ट्रैक्टर, रोड रोलर, बुलडोजर और विभिन्न कंस्ट्रक्शन वाहन शामिल हैं। लेकिन पोर्टल पर आरटीओ में फिटनेस जांच का विकल्प अब तक जोड़े ना जाने से अधिकारी भी इन वाहनों की जांच मैनुअल तरीके से नहीं कर पा रहे हैं।
एनआईसी से लगातार संपर्क, राहत नहीं
परिवहन विभाग के अधिकारी पोर्टल अपडेट कराने के लिए एनआईसी से लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब तक बदलाव नहीं हुआ है। इसका सबसे ज्यादा असर उन वाहन मालिकों पर पड़ रहा है, जिन्हें छूट आरटीओ में जांच की छूट मिली है लेकिन वे आरटीओ में फिटनेस टेस्ट नहीं करवा पा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी ई-रिक्शा मालिकों है, वहीं फिटनेस नहीं होने से वाहन ट्रांसफर जैसे काम प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। केंद्र सरकार के आदेश के बावजूद तकनीकी प्रक्रिया पूरी नहीं होने से वाहन मालिकों को राहत नहीं मिल रही है। अब व्यवस्था शुरू होने के लिए पोर्टल अपडेट होने का इंतजार है।इन 28 श्रेणियों को मिली है छूट
केंद्र सरकार के 23 सितंबर 2026 के आदेश में ई-रिक्शा विद कार्ट (जी), ई-रिक्शा (पी) सहित डंपर, फोर्कलिफ्ट, रिग से लैस वाहन, क्रेन माउंटेड वाहन, कृषि ट्रैक्टर, पावर टिलर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट वाहन, रोड रोलर, एक्सकेवेटर, बुलडोजर, हार्वेस्टर, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट, कमर्शियल पावर टिलर, कमर्शियल एक्सकेवेटर, कमर्शियल कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट वाहन, निजी उपयोग के ट्रेलर, कृषि उपयोग के ट्रेलर, व्यक्तिगत उपयोग के ट्रेलर, कमर्शियल ट्रैक्टर, पुलर ट्रैक्टर, ट्रेलर, ऑक्जिलरी ट्रेलर, कमर्शियल ट्रेलर, कमर्शियल ट्रैक्टर-ट्रॉली, कमर्शियल सेमी-ट्रेलर और मॉड्यूलर हाइड्रोलिक ट्रेलर को शामिल किया गया है। इन श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस टेस्ट आरटीओ में मैनुअल तरीके से करने की अनुमति दी गई है।
आरटीओ कार्यालय में ही फिटनेस की तैयारी
एटीएस व्यवस्था लागू होने से पहले इंदौर में वाहनों की फिटनेस जांच देवास नाका स्थित न्यू लोहा मंडी में होती थी। अब केंद्र सरकार की छूट के बाद नायता मुंडला स्थित आरटीओ कार्यालय में ही संबंधित वाहनों की फिटनेस जांच शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, पोर्टल पर जरूरी विकल्प अपडेट होने के बाद ही यह व्यवस्था शुरू हो सकेगी। कार्यालय में ही फिटनेस टेस्ट होने से अधिकारियों के साथ ही वाहन मालिकों को भी आसानी होगी।
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