
डेस्क: ईरान और इजराइल के बीच जंग जारी है. अभी इस जंग के खत्म होने का कोई आसार नहीं दिख रहा है. इस बीच जंग को लेकर कई तरह के दावे भी किए जा रहे हैं. पाकिस्तानी बिजनेसमैन आसिफ मर्चेंट को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ट्रंप, बाइडेन और निक्की हेली की हत्या की साजिश में शामिल होने के लिए मजबूर किया था.
कोर्ट में मर्चेंट ने दावा किया कि उसके परिवार को खतरा था, इसलिए उसके पास ‘कोई और रास्ता नहीं’ था. हालांकि, उसने जिन हिटमैन को काम पर रखा, वे FBI के अंडरकवर एजेंट निकले, जिससे यह पूरी साजिश नाकाम हो गई.
पाकिस्तान के रहने वाले एक कारोबारी आसिफ मर्चेंट पर अमेरिका में इस समय आतंकी साजिश का मुकदमा चल रहा है. उस पर आरोप है कि उसे ईरान की सेना की विशेष इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अमेरिका के बड़े नेताओं की हत्या की साजिश के लिए भर्ती किया था.
आसिफ ने ये बात कबूल की है कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन, निक्की हेली की हत्या की साजिश रची थी. कोर्ट में आसिफ मर्चेंट ने कहा कि से यह काम ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक व्यक्ति ने दिया था. गर वह यह काम नहीं करता तो ईरान में उसके परिवार को नुकसान पहुंचा जा सकता था. इसलिए उसने मजबूरी में यह साजिश मान ली.
आसिफ मर्चेंट ने कोर्ट रूम में बताया कि उसने इस पूरे प्लान को अंजाम देने के लिए दो किराए के शूटर हायर किए थे. उनसे इस काम को लेकर पैसे देने की बात भी हुई थी. वह कुछ ही समय बाद उन्हें पैसे देने वाला था. हालांकि जिसे वह हिटमैन समझ रहा था वह असल में एफबीआई के अंडरकवर एजेंट थे. यही वजह है कि उसकी पूरी प्लानिंग फैल हो गई, इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया. मामला अभी अमेरिका की अदालत में चल रहा है. मर्चेंट खुद को मजबूर बताकर राहत मांग रहा है, जबकि सरकारी वकील कह रहे हैं कि उसने खुद यह योजना बनाई है.
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