तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। ईरान (Iran) और अमेरिका (United States) के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच जारी यह संघर्ष अब 17वें दिन में पहुंच चुका है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघराची (Abbas Araghchi) ने अमेरिका के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ईरान युद्धविराम चाहता है।
अराघची ने साफ कहा कि ईरान ने न तो कभी सीजफायर की मांग की है और न ही किसी तरह की बातचीत की पहल की है। उन्होंने अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान तब तक अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा जब तक उसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी लगेगा।
‘अमेरिका युद्ध को गैरकानूनी माने’
अराघची ने कहा कि जब तक अमेरिका इस युद्ध को गैरकानूनी मानकर अपना रुख नहीं बदलता, तब तक ईरान अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। उनका कहना था कि तेहरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है।
वहीं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी जनता और दुनिया के सामने सच्चाई छिपा रहा है और झूठी खबरें फैला रहा है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने यह गलत जानकारी फैलाई कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln (CVN-72) पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप के अनुसार ऐसा कोई हमला नहीं हुआ और जहाज पूरी तरह सुरक्षित है।
मीडिया पर भी साधा निशाना
ट्रंप ने आरोप लगाया कि कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थान भी ऐसी खबरों को बढ़ावा दे रहे हैं जो सच नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर मीडिया जानबूझकर झूठी जानकारी फैलाता है तो उसे गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
‘यह युद्ध अमेरिका ने शुरू किया’
दूसरी ओर अराघची ने आरोप लगाया कि यह युद्ध अमेरिका ने शुरू किया है और ईरान केवल अपने बचाव में कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक ट्रंप को यह एहसास नहीं हो जाता कि यह युद्ध जीतना संभव नहीं है, तब तक ईरान अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।
खाड़ी देशों में हमलों का बचाव
ईरानी विदेश मंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में किए गए हमलों का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संसाधनों को निशाना बना रहा है, किसी अन्य देश को नहीं। उनके मुताबिक जिन खाड़ी देशों ने अपनी जमीन पर अमेरिकी सैन्य अड्डे स्थापित करने की अनुमति दी है, उन्होंने ही अमेरिका को ईरान पर हमला करने का मौका दिया।
ट्रंप का दावा- ईरान चाहता है समझौता
गौरतलब है कि हाल ही में NBC News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अमेरिका अभी इसके लिए तैयार नहीं है। उन्होंने संकेत दिया था कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ना पड़ सकता है।
इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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