
नई दिल्ली। अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बातचीत की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन युद्ध के खतरे और बढ़ते सैन्य तनाव के बीच रविवार को ईरान ने अपने रुख को फिर स्पष्ट किया। ईरान ने कहा कि वह अपने यूरेनियम (Uranium) संवर्धन कार्यक्रम को किसी भी हाल में नहीं छोड़ेगा और दबाव में नहीं आएगा।
तेहरान में सार्वजनिक मंच से बोलते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान किसी से डरकर अपनी परमाणु नीति में बदलाव नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरेनियम संवर्धन तेहरान के लिए एक गैर-समझौता योग्य मुद्दा है। अराघची ने कहा, “हम संवर्धन पर इतना जोर क्यों देते हैं और इसे छोड़ने से इनकार क्यों करते हैं, भले ही युद्ध थोप दिया जाए? क्योंकि किसी को भी हम पर हुक्म चलाने का अधिकार नहीं है।”
अमेरिका पर भरोसा नहीं
अराघची ने अमेरिकी सैन्य तैनाती और प्रतिबंधों को दबाव की “खराब रणनीति” बताया। उन्होंने कहा, “क्षेत्र में उनकी सैन्य मौजूदगी हमें डराती नहीं है। हम अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकते।” उन्होंने कहा कि अमेरिका की मिश्रित रणनीतियों और जारी प्रतिबंधों से यह साबित होता है कि अमेरिका की गंभीरता पर संदेह किया जा सकता है।
समझौते के लिए रखी शर्तें
ईरान सभी संकेतों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करेगा और केवल सम्मानजनक, निष्पक्ष और आपसी हितों पर आधारित दृष्टिकोण पर ही समझौता संभव होगा। अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत में कोई बाधा नहीं है, लेकिन अत्यधिक मांगें और अनुचित दावे ही असली बाधा बनते हैं।

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