
नई दिल्ली. ईरानी सांसद (Iranian MP) इब्राहिम अजीजी (Ibrahim Azizi) ने एक बड़ी बात कही है. अजीजी ने ट्वीट करके साफ कर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का रास्ता केवल ईरान (Iran) की मर्जी से ही खुलता है, किसी की सोशल मीडिया पोस्ट या इंटरनेट पर किए गए दावों से नहीं. उन्होंने सीधे तौर पर यह जता दिया है कि इस समुद्री रास्ते पर असल में किसका कंट्रोल है.
बता दें कि इब्राहिम अजीजी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान का एक बड़ा डेलिगेशन पाकिस्तान पहुंचा हुआ है. करीब 70 सदस्यों के इस दल की अगुवाई संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस टीम में केवल नेता ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, पैसे के लेन-देन और तकनीकी मामलों के एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं. ईरान ने अपनी सबसे अनुभवी टीम इसीलिए भेजी है ताकि हर मुद्दे पर मजबूती से बात हो सके.
इसी बीच सबसे बड़ा अपडेट यह है कि इस्लामाबाद में पिछले 21 घंटे से लगातार चली बातचीत के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने दुनिया को बताया कि इतनी लंबी माथापच्ची के बाद भी फिलहाल कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है. वेंस ने साफ शब्दों में कहा कि हम खुले दिमाग के साथ यहां बातचीत करने आए थे, लेकिन 21 घंटे की चर्चा के बाद भी हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके हैं. हालात ऐसे हैं कि हमारे पास वापस लौटने के अलावा कोई चारा नहीं है.
इस्लामाबाद में हो रही इस बैठक की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है. बातचीत का मुख्य मकसद इलाके में जारी जंग को रोकना और समुद्र में जहाजों का रास्ता सुरक्षित बनाना है. हालांकि, माहौल अभी भी काफी गरम है. ईरान ने साफ कहा है कि जब तक उनके फंसे हुए पैसे वापस नहीं मिलते और शर्तें नहीं मानी जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है और इसे खुला रखने के लिए अमेरिका हर जरूरी कदम उठाएगा.
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