
तेहरान. ईरान (Iran) के राष्ट्रपति (President) मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) ने अमेरिकी नागरिकों (American People) से सीधे सवाल करते हुए कहा कि क्या यह युद्ध वास्तव में उनके हित में है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चार पन्नों के बड़े संदेश में कई बातें कहीं। दुबई से जारी इस संदेश में मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच टकराव और संवाद- दोनों रास्ते खुले हैं, लेकिन यह अमेरिका के लोगों पर निर्भर करता है कि वे किस दिशा को चुनते हैं।
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी जनता से पूछा सीधा सवाल
पेजेशकियन ने सवाल उठाया, ”क्या वास्तव में इस युद्ध से अमेरिकी जनता के हित पूरे हो रहे हैं? क्या ईरान की ओर से ऐसा कोई वास्तविक खतरा था, जो इस तरह के कदम को सही ठहराए?”
अमेरिकी की आक्रामकता का जवाब देने को तैयार
ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि आधुनिक इतिहास में ईरान ने कभी आक्रामक रुख नहीं अपनाया, जबकि उसके पास अपने कई पड़ोसी देशों से अधिक सैन्य क्षमता रही है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद ईरान ने संयम बरता है, लेकिन अगर उस पर हमला किया जाता है तो वह उसका सामना करने में सक्षम है और हर तरह की आक्रामकता को झेलने के लिए तैयार है।
मसूद पेजेशकियन ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका इस संघर्ष में इस्राइल के लिए एक प्रतिनिधि (प्रॉक्सी) के रूप में शामिल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्राइल ने अमेरिका को इस युद्ध में खींचा है और यह सवाल भी उठाया कि क्या अमेरिका फर्स्ट वास्तव में अमेरिकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
ईरान युद्ध का नतीजा तय करेगा आने वाली पीढ़ियों का भविष्य : पेजेशकियन
उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा पड़ोसी देशों के खिलाफ की जा रही कार्रवाईयां वैध आत्मरक्षा पर आधारित एक संतुलित प्रतिक्रिया हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां टकराव का रास्ता पहले से ज्यादा महंगा और निष्फल साबित हो सकता है।
अपने संदेश में पेजेशकियन ने कहा,”टकराव और संवाद के बीच चुनाव वास्तविक और महत्वपूर्ण है। इसका नतीजा आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अपने हजारों साल के इतिहास में ईरान ने कई हमलावरों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि आज वे केवल इतिहास के पन्नों में बदनाम नाम बनकर रह गए हैं, जबकि ईरान मजबूती और सम्मान के साथ कायम है।
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