
नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका (Iran-America) के तनाव का असर अब ग्लोबल टेक इंडस्ट्री (Global Tech Industry) तक पहुँच गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हाल ही में 18 अमेरिकी टेक और अन्य कंपनियों (American tech companies) को वैध सैन्य लक्ष्य घोषित करते हुए उन्हें सीधे निशाना बनाने की चेतावनी दी। इस धमकी के बाद टेक जगत में हड़कंप मचा हुआ है, और Intel ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए तत्काल कदम उठाया है।
Intel ने उठाया पहला कदम
ईरान की धमकी के बाद Intel के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अपने कर्मचारियों और सुविधाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट में मौजूद ऑपरेशंस और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। Intel इस खतरे पर प्रतिक्रिया देने वाली पहली बड़ी अमेरिकी टेक कंपनी बन गई है।
ईरान की चेतावनी का कारण
ईरान ने अपने टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट में आरोप लगाया कि ये कंपनियां ईरानी धरती पर अमेरिकी और इजरायली हमलों में शामिल रही हैं। पोस्ट में चेतावनी दी गई कि अब से हर एक हत्या के बदले एक अमेरिकी कंपनी को नुकसान होगा। ईरान ने इन कंपनियों के कर्मचारियों को तत्काल ऑफिस खाली करने का निर्देश भी दिया।
निशाने पर प्रमुख कंपनियां
ईरान की लिस्ट में शामिल हैं:-
टेक कंपनियां: Apple, Google, Microsoft, Nvidia, Intel, Cisco, HP, Oracle, IBM, Dell, Palantir, Boeing
अन्य सेक्टर: JPMorgan (बैंकिंग), Tesla (ईवी), GE (इलेक्ट्रिक), UAE की AI फर्म G42
डेटा सेंटर्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर खतरा
मार्च में ही AWS के डेटा सेंटर्स पर हमला हुआ था, जिससे UAE में डिजिटल आउटेज देखा गया। खाड़ी देश AI और डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए ग्लोबल हब बनते जा रहे हैं, जिससे अरबों डॉलर के निवेश पर हमले का खतरा पूरी दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।
Intel के मेन ऑफिस अमेरिका में हैं, लेकिन इजरायल और UAE में भी ऑपरेशंस और डेटा सेंटर्स मौजूद हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। अन्य अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए भी यही खतरा है, क्योंकि उनके महत्वपूर्ण ऑपरेशंस मिडिल ईस्ट के पास स्थित हैं।
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