
नई दिल्ली. कर्नाटक (Karnataka) के डीजीपी (DGP) और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव(Ramachandra Rao) को सस्पेंड कर दिया गया है. सोशल मीडिया पर उनके कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल (viral obscene video) होने के बाद यह कार्रवाई की गई है. रामचंद्र राव कर्नाटक में डीजीपी (सिविल राइट्स एन्फोर्समेंट) के पद पर तैनात थे.
कई वीडियो क्लिप सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें कथित रूप से रामचंद्र राव को अलग-अलग महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करते देखा गया था. वीडियो सामने आते ही प्रशासन और राजनीति में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत राव को निलंबित करने का फैसला लिया. हालांकि, रामचंद्र राव ने सभी आरोपों को साफ तौर पर खारिज किया है. उन्होंने कहा कि ये वीडियो पूरी तरह फर्जी और झूठे हैं.
वायरल वीडियो के बाद गृह मंत्री से मिलने पहुंचे थे अधिकारी
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के घर के बाहर मीडिया से बात करते हुए राव ने कहा, “मैं पूरी तरह हैरान हूं. ये वीडियो मनगढ़ंत हैं. मेरा इनसे कोई लेना-देना नहीं है.” उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में किसी का भी फर्जी वीडियो बनाया जा सकता है और यह उनकी छवि खराब करने की साजिश हो सकती है.
वीडियो आठ साल पुराना!
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब उनसे पूछा गया कि क्या ये वीडियो पुराने हो सकते हैं, तो 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव ने कहा कि अगर पुराने की बात करें तो करीब आठ साल पहले, जब वे बेलगावी में पोस्टेड थे लेकिन उन्होंने फिर दोहराया कि वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं है.
वीडियो वायरल होने के बाद राव ने कर्नाटक के गृह मंत्री से मिलने की कोशिश की, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई. सरकार ने संकेत दिए हैं कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी.
कर्नाटक सीएम ने जांच के आदेश दिए
विवाद को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. उन्होंने कहा, “हम इस मामले की जांच कराएंगे. मुझे इसकी जानकारी आज सुबह मिली. वह चाहे किसी भी पद पर क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है. हम जांच करेंगे और उसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे.”
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