
तेहरान। अमेरिका-इस्राइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के निधन के बाद देश में शोक की लहर दौड़ गई है। सरकारी मीडिया ने जानकारी दी है कि मरहूम अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में रखने की तैयारी चल रही है। ग्रैंड मोसल्ला एक बड़ा प्रार्थना स्थल है, जिसका इस्तेमाल शहर के सबसे खास सरकारी और धार्मिक आयोजनों के लिए होता है। यह मरहूम सुप्रीम लीडर के लिए आयोजित तीन दिन के विदाई समारोह का हिस्सा है। मोसल्ला में हजारों शोक मनाने वालों के इकट्ठा होने की उम्मीद है। इस विदाई समारोह के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस बीच, ईरान ने गुरुवार को इस्राइल की डिमोना परमाणु स्थल को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान ने कहा कि अगर इस्राइल और अमेरिका ने उसकी सरकार को गिराने की कोशिश की, तो वह इस परमाणु केंद्र को निशाना बनाएंगे। यह धमकी इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज के बयान के बाद आई है। काट्ज ने कहा था कि ईरान की सरकार जो भी नया नेता लाएगी, वह इस्राइल के लिए एक टारगेट होगा।
इधर, इस्राइल की सेना ने बताया कि ईरान ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। इसके कारण यरुशलम, सेंट्रल इस्राइल और वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों में खतरे के सायरन बजने लगे। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इस ऑपरेशन को ‘या हसन इब्न अली’ नाम के कोड से शुरू किया गया। आईआरजीसी का दावा है कि उन्होंने इस्राइल और अमेरिका के सात से ज्यादा आधुनिक रडार सिस्टम नष्ट कर दिए हैं।
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी के अनुसार, उनकी मिसाइलों ने इस्राइल के ‘थाड’ (THAAD) डिफेंस सिस्टम को भी चकमा दे दिया। आईआरजीसी ने दावा किया कि उन्होंने तेल अवीव में इस्राइली रक्षा मंत्रालय और देश के मुख्य एयरपोर्ट ‘बेन गुरियन’ सहित कई जगहों पर हमला किया है। इन हमलों की वजह से इस्राइल के कई इलाकों में घंटों तक सायरन बजते रहे और लोगों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ये हमले और भी तेज और बड़े पैमाने पर होंगे। अमेरिका का कहना है कि उसका ऑपरेशन अभी शुरू ही हुआ है। इससे संकेत मिलते हैं कि यह युद्ध उम्मीद से ज्यादा लंबा खिंच सकता है।
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