
मेरठ। मेरठ के मवाना थाना क्षेत्र में मिले युवती के शव की गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझती जा रही है। पहले जिस महिला की पहचान दिल्ली निवासी अर्चिता अरोड़ा के रूप में की गई थी, अब उसके तुर्कमेनिस्तान की नागरिक ‘मुहब्बत’ होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में एक बार फिर से नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
बीती 21 फरवरी की रात मेरठ-बिजनौर नेशनल हाईवे के किनारे सरसों के खेत में युवती का शव बरामद हुआ था, शव काफी दिन पुराना और सड़ा हुआ मिला था। वहीं, महिला की पहचान छुपाने के लिए उसके चेहरे को तेजाब से बुरी तरह जला दिया गया था, जिससे पहचान मुश्किल हो गई थी। आसपास के लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
चेहरा जले महिला का शव की पहचान मेरठ पुलिस के लिए चुनौती बन गई। आसपास के क्षेत्रों में पता कराया गया कि घर से कोई महिला मिसिंग तो नहीं है। जांच के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक कैमरे में सफेद रंग की क्रेटा कार संदिग्ध दिखाई दी। कार की जांच करने पर वह एक होटल संचालक चंचल उर्फ बंटी की निकली।
पुलिस ने चंचल उर्फ बंटी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि 17-18 फरवरी की रात परतापुर थाना क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में युवती की गला घोंटकर हत्या की गई थी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर टॉयलेट क्लीनर और तेजाब डाला गया।
आरोपियों ने शव को क्रेटा कार में रखकर मवाना-बिजनौर रोड किनारे खेत में फेंक दिया। वारदात के बाद होटल के सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट कर दिए गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी बंटी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल कार, कम्बल और तेजाब की बोतल बरामद कर ली थी। पूछताछ में आरोपियों ने पैसों के लेन-देन और ब्लैकमेलिंग को हत्या की वजह बताया था।
मामले में नया मोड़ तब आया जब जांच के दौरान मृतका का संबंध तुर्कमेनिस्तान से होने की जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि ‘अर्चिता अरोड़ा’ नाम फर्जी हो सकता है और महिला का असली नाम ‘मुहब्बत’ है, जो तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली थी और कई वर्षों से दिल्ली में रह रही थी।
मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका की मां नाहमदिनोवा गुलनार ने भारत में अपनी परिचित की मदद से तुर्कमेनिस्तान दूतावास को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है। आरोप है कि मुहब्बत का पासपोर्ट दलालों के पास था और आधार कार्ड पर ‘अर्चिता’ नाम दर्ज था, जबकि फोटो विदेशी महिला का ही था। कुछ इनपुट में यह भी आशंका जताई गई है कि महिला किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह या अवैध गतिविधियों से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मेरठ पुलिस ने इस मामले में विदेश मंत्रालय के माध्यम से संबंधित दूतावास से संपर्क साधा है। अब पुलिस नए सिरे से सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। फिलहाल, यह मामला महिला की पहचान को लेकर और पेचीदा है गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सही तस्वीर सामने आ पाएंगी।
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