
नई दिल्ली: ईरान, इजराइल और अमेरिका (Iran, Israel and the United States) के बीच जारी संघर्ष को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि मंत्रियों से कहा कि मंत्रालय और विभाग आपस में मिलकर काम करें. लोगों पर असर को सीमित करने लिए प्रयास करें. मिडिल ईस्ट संकट का असर लोगों पर न पड़े. किसी भी संभावित चुनौती के लिए पूरी तैयारी हो.
दरअसल, ईरान युद्ध का आज 11वां दिन है. 28 फरवरी को शुरू हुआ यह युद्ध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. इतने दिनों के जंग की वजह से देश में तेल संकट आ गया है. कई राज्यों में गैस सिलेंडर की कमी पड़ने लगी है. होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर है. ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा मंत्रियों को दिया गया ये मैसेज आम लोगों के लिए राहत भरा हो सकता है.
तेल संकट के बीच सरकार ने उठाए ये कदम
तेल संकट को देखते हुए भारत ने कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है. गैस की किल्लत से निपटने के लिए सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी प्रोडक्शन को बढ़ाने का आदेश दिया गया है. सरकार ने घरेलू LPG सप्लाई को प्राथमिकता देने की बात कही है. जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग नियम लागू किया गया है.
इसके अलावा गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए एलपीजी सप्लाई से जुड़ी मांगों की समीक्षा के लिए समिति बनाई गई है. आयातित LPG को जरूरी गैर-घरेलू क्षेत्रों जैसे अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के साथ दिया जा रहा है.
कैबिनेट की बैठक में 6 अहम फैसले
जल जीवन मिशन 2.0 को कैबिनेट की मंजूरी
मदुरै एयरपोर्ट को अंतररराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित
जेवर-फरीदाबाद के बीच एलिवेटेड रोड को मंजूरी
सैंथिया पाकुड़ के बीच चौथी रेल लाइन को मंजूरी
संतरागाछी से खड़गपुर के बीच चौथी रेल लाइन
मध्य प्रदेश के हाइवे प्रोजेक्ट को मंजूरी
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