
इन्दौर। इंदौर दुग्ध संघ (Indore Milk Union) (सांची) का वितरण मैनेजमेंट (Management) पहली बार बाधित रहा। आज सुबह इंदौर (Indore) से 60 किलोमीटर दूर धार सुबह दूध (Dhar) नहीं पहुंचा और धार जैसे बड़े शहर में सांची (Sanchi) का दूध वितरित नहीं हो पाया। यही नहीं प्रबंधन के लोगों से किसान भी बड़ी संख्या नाराज चल रहे हैं।
किसानों का कहना है कि प्रबंधन उन्हें सही से पेमेंट नहीं कर रहा और जो पेमेंट करता भी है तो उसमें लेट भी होता है। कई बार अनावश्यक पेमेंट काट लिया जाता है, जिसकी जानकारी उन तक नहीं पहुंच पा रही है। पूर्व अध्यक्ष दुग्ध संघ मोतीसिंह पटेल ने बताया कि पहली बार हुआ है, जब किसी शहर में दूध समय पर नहीं पहुंचा और वितरित नहीं हुआ है। यह एक बड़ा फेलियर है। किसान नेता दिलीप सिंह पवार लसूडिय़ा का कहना है कि अधिकारी मनमानी करते हैं। किसानों की समस्याओं को ठीक से समझते और सुनते नहीं हैं। यह प्रदेश की किसी नामचीन डेयरी के लिए नुकसानदायक साबित होगा। इधर दूध उत्पादकों का कहना है कि उनके दूध का सही मूल्य दूध संघ द्वारा नहीं दिए जा रहा। लगातार खली और अन्य पशु आहार का दाम बढ़ रहा है। उसी अनुपात में दूध के दम नहीं बढ़ पा रहे हैं, वहीं धार में आमजनों को आज दूध नहीं मिलने से नाराजगी भी देखी जा रही है। धार शहर के लिए 7000 लीटर दूध रोजाना वितरण के लिए जाता है, जो आज नहीं पहुंचा