
इन्दौर। मध्य प्रदेश में शराब दुकानों की नीलामी में नए नियम और बढ़ी कीमत सरकार पर भारी पड़ रही है। प्रदेश की 260 से ज्यादा शराब दुकानें 35 प्रतिशत कीमत कम किए जाने के बाद भी अब तक नहीं बिक पाई हैं। इसे देखते हुए अब सरकार ने कीमत को 40 प्रतिशत तक कम करने का फैसला लिया है। घटी हुई कीमतों पर कल से टेंडर जमा करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिन्हें आज खोला जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई नई आबकारी नीति 2026-27 में शराब दुकानों की कीमत को 20 प्रतिशत बढ़ाया गया था। साथ ही दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण के नियम को खत्म कर दिया था और सभी दुकानों के लिए फ्रेश टेंडर बुलाए गए थे। कीमत बढऩे और नवीनीकरण बंद किए जाने से प्रदेश की कई दुकानों को अब तक खरीदार नहीं मिल पा रहे हैं। शुक्रवार को हुई 17वें चरण की नीलामी में भी कीमत से 35 प्रतिशत तक कम पर दुकानों को नीलाम करने का ऑफर रखा गया था। इसके बावजूद 260 से ज्यादा दुकानों के लिए एक भी टेंडर नहीं आया। इसमें इंदौर की भी 3 दुकानें शामिल थीं। इसके बाद सरकार ने कीमत को 5 प्रतिशत और कम करते हुए 40 प्रतिशत कम कीमत पर टेंडर लेने का निर्णय लिया है। कल 11 बजे से नई कीमत पर टेंडर जमा किए जा रहे हैं, जिन्हें आज खोला जाएगा।
इंदौर की 3 दुकानें बची
गुरुवार तक इंदौर की चार दुकानें नहीं बिक पाई थीं। शुक्रवार को हुई नीलामी में सिर्फ महू नाका स्थित दुकान के लिए टेंडर आया। इस पर 13 करोड़ की दुकान को 8.48 करोड़ में नीलाम किया गया, वहीं बड़ी ग्वालटोली, सरवटे बस स्टैंड और पलसीकर कॉलोनी की दुकानें अब भी नहीं बिक पाई है। इनकी कीमत 45 करोड़ है।
पिछले साल से 28 प्रतिशत कम पर दुकान, बेचने को तैयार सरकार
शुरुआत में जहां सरकार ने दुकानों की कीमत पिछले साल की अपेक्षा 20 प्रतिशत बढ़ा दी थी, वहीं अब सरकार के तेवर ढीले पड़ते नजर आ रहे हैं। 20 प्रतिशत कीमत बढऩे से जहां 100 रुपए की दुकान को 120 में बेचने की योजना थी, वहीं अब 40 प्रतिशत कीमत कम किए जाने के बाद सरकार इन्हें 72 रुपए में बेचने को तैयार है। यानी पिछले साल से भी 28 प्रतिशत कम कीमत पर अब खरीदारों का इंतजार किया जा रहा है।
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