
मास्को। मास्को की एक अदालत ने रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी द्वारा जेल की सजा के खिलाफ की गई अपील को खारिज कर दिया है। यह अपील ऐसे समय नामंजूर की गई है, जब यूरोप की एक शीर्ष मानवाधिकार अदालत ने नवलनी को रिहा करने का आदेश दिया है। बता दें कि द्वितीय विश्व युद्ध के नायकों के अपमान से जुड़े एक और मामले में नवलनी को शनिवार देर शाम कोर्ट में पेश होना है।
दरअसल, पेरोल के दौरान स्वयं पर लगाई गई शर्तो का जर्मनी में उल्लंघन करने को लेकर इस महीने की शुरुआत में उन्हें दो वर्ष आठ महीने कैद की सजा सुनाई गई थी। यह सजा गबन के एक मामले में 2014 में उनकी दोषसिद्धि से जुड़ी है। इस आरोप को नावलनी ने मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया था और यूरोपीय मानवाधिकार अदालत ने इसे गैर कानूनी करार दिया था।
जेल में बंद नवलनी को रिहा करने की मांग करते हुए रूस में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों ने नवलनी के सहयोगियों तक पर आरोप लगाया है कि वह नाटो के निर्देश पर काम कर रहे हैं। बीते दिनों नवलनी की रिहाई की मांग वाली रैलियों में भाग लेने के चलते रूस ने जर्मनी, पोलैंड और स्वीडन के राजनयिकों को देश से निष्कासित कर दिया था। यही नहीं पुतिन सरकार ने इन घटनाओं को लेकर जर्मनी, पोलैंड और स्वीडन के दूतावासों के समक्ष अपना औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया था।
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