
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh.) के छिंदवाड़ा जिले(Chhindwara district) से सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली(A heart-wrenching report emerged) खबर आई। दमुआ थाना क्षेत्र(Damua police station) के झिरीघाट(Jhirighat) के पास रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली अचानक पलट गई, जिसमें चालक और दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना का मंजर
पुलिस के अनुसार, हादसा सुबह लगभग 3 से 4 बजे के बीच हुआ। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग रेत तस्करी के काम में लगे हुए थे। जैसे ही ट्रॉली रास्ते से गुजर रही थी, अचानक संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली पलट गई। पलटने के बाद उसमें सवार लोग नीचे दब गए। मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।
तुरंत पहुंची पुलिस और मेडिकल टीम
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। तीनों को तुरंत दमुआ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान
पुलिस ने मृतकों की पहचान इस प्रकार की है:
रंजू उइके (23), ग्राम ब्रजपुरा, पिता सामा उइके – ट्रैक्टर चालक
मोहन वट्टी (26), पिता इतरलाल वट्टी – मजदूर
उमेश धुर्वे (23), सेमरकुही, पिता अंजन सिंह धुर्वे – मजदूर
पुलिस अधीक्षक दमुआ प्रमोद सिरसाम ने बताया कि मामले में अपराध क्रमांक 40/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस की धाराओं 281, 125ए और 106(1) बीएनएस के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रेत तस्करी और सुरक्षा का सवाल
इस हादसे ने क्षेत्र में रेत तस्करी की जोखिम भरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस इलाके में सड़कें संकरी और खुरदरी हैं, जिससे भारी भरकम ट्रैक्टर ट्रॉलियों का संतुलन बिगड़ना आम है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेत की तस्करी में अक्सर सुरक्षा नियमों की अनदेखी होती है, जो इस तरह के हादसों का कारण बनती है।
शोक और स्थानीय प्रतिक्रिया
हादसे की खबर सुनते ही ग्रामीण और मजदूर परिवार के लोग मौके पर जुट गए। मृतकों के परिजन गमगीन हैं और पूरे इलाके में मातम छा गया है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार प्रशासन को खतरनाक मार्गों और अवैध रेत तस्करी की जानकारी दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस जांच जारी
पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ ट्रैक्टर ट्रॉली मालिक और तस्करों की जानकारी जुटा रही है। बताया गया है कि मर्ग कायम कर मामले में सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके,छिंदवाड़ा के इस हादसे ने फिर से रेत तस्करी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर चेतावनी दी है। परिवारिक नुकसान, आर्थिक बोझ और स्थानीय प्रशासन की सुस्ती ने मिलकर इस हादसे को और भयावह बना दिया। इलाके में हादसे की वजह से लोगों में डर और गुस्सा दोनों देखने को मिला है।
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