
भोपाल | मध्यप्रदेश (MP) के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) के कारण राज्य के कई हिस्सों में ‘मावठा’ (बेमौसम बारिश) गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 23 और 24 जनवरी को प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश का असर दो चरणों में देखने को मिलेगा:
23 जनवरी: ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया जैसे उत्तरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
24 जनवरी: बारिश का सिस्टम पूर्व की ओर बढ़ेगा, जिससे रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ सहित आसपास के जिलों में पानी गिर सकता है।
कोहरे का कहर और विजिबिलिटी
बुधवार सुबह से ही प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे का असर देखा गया।
मध्यम कोहरा: ग्वालियर, भिंड, दतिया और टीकमगढ़ में दृश्यता (Visibility) कम रही।
हल्का कोहरा: राजधानी भोपाल, इंदौर और उज्जैन में सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा। आने वाले दिनों में बारिश के साथ कोहरे की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।
तापमान का गणित: दिन में राहत, रात में ठंड
वर्तमान में दिन में धूप निकलने के कारण ठंड का अहसास कम हो रहा है और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से अभी रात का तापमान स्थिर है, लेकिन बारिश के बाद फिजा बदलेगी।
मंदसौर फिलहाल प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बना हुआ है।
बारिश के बाद फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जैसे ही यह वेस्टर्न डिस्टरबेंस आगे बढ़ेगा, उत्तर से आने वाली सर्द हवाएं मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ाएंगी। जनवरी के आखिरी हफ्ते में मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में भीषण शीतलहर (Cold Wave) चलने की संभावना है, जिससे पारा तेजी से नीचे गिरेगा।
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