
जबलपुर। सूक्ष्म व लघु उद्यम सरलीकरण परिषद में सदस्यों की नियुक्ति नहीं किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है। याचिका में कहा गया था कि परिषद का कोरम पूरा नहीं होने के कारण विवादित प्रकरणों में सुनवाई सालों से लंबित है। चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ व जस्टिस पीके कौरव की युगलपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात् अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।यह जनहित याचिर्का बोरगांव इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से दायर की गयी है। जिसमें कहा गया है कि सूक्ष्म व लघु मध्यम उद्यम विकास अधिनियम 2006 के तहत के तहत कॉउसिंल के गठन का प्रावधान है।
कॉउसिल के गठन का मुख्य उददेश सूक्ष्म व लघु मध्यम उद्यम के तहत पंजीकृत व्यापरियों के विवाद को सुनना व निराकरण करना था। कॉउसिल को निर्धारित समय अवधि में अंदर विवाद निराकृत करना था। याचिका में कहा गया था कि कॉउसिंल में कई पद रिक्त है । इसके अलावा काउसिंल के कई सदस्य सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं रहते है। कोरम पूरा नहीं होने प्रकरणों की सुनवाई वर्षो से लंबित है। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने पैरवी की।
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