
- उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में अब नए सिरे से होगा विवादित एसआईआर, पुनरीक्षण कार्यक्रम भी घोषित, केन्द्रों का भौतिक सत्यापन भी करेंगे
उज्जैन। भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 के आधार पर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की समय सारणी निर्धारित की है और प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार झा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को उसके मुताबिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन दिनों चुनाव आयोग को लेकर दिल्ली में तो आंदोलनों का सिलसिला जारी है और विवादित एसआईआर सर्वे का मामला सुर्खियों में है। अब 12 नवम्बर से मतदाता सूची में नाम जोडऩे या घटाने के लिए दावे-आपत्तियां ली जाएंगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2 नवंबर तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण एवं पुनव्र्यवस्थापन किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकेंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। संपूर्ण प्रक्रिया के उपरांत 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संपन्न कराई जाएगी। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने उज्जैन जिले में पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी आवश्यक कार्यवाहियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को दिए हैं। 12 नवम्बर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा और फिर 11 दिसम्बर तक उस पर दावे-आपत्तियों को लेने के बाद 4 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए भी फॉर्म-6 और नाम हटाने संबंधी आपत्तियों के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल होगा। पते में बदलाव, विवरण में सुधार, मतदाता पहचान-पत्र बदलने और दिव्यांग मतदाताओं के रूप में चिन्हित कराने के लिए फॉर्म-8 भरना पड़ेगा। आयोग के निर्देश पर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है और इसमें ऐसे युवाओं के नाम भी शामिल किए जाएंगे जो 1 जनवरी 2027 तक अपनी 18 साल की उम्र पूरी कर रहे हैं। इसके अलावा 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले भावी मतदाताओं से अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे और फिर इन आवेदनों का निराकरण संबंधित 3 माह की अवधि में किया जाएगा। 2 नवम्बर तक मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण और पुनव्र्यवस्थापन के भी निर्देश दिए गए हैं। नए केन्द्र बनाने से पहले मौजूदा केन्द्रों और उनके भवनों का भौतिक सत्यापन भी होगा, ताकि वहां की व्यवस्थाओं को देखा जा सके।