
भुवनेश्वर । ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर (Over Gyanesh Kumar’s Resignation) इंडिया गठबंधन के 12 घंटे के बंद से (By INDIA bloc’s 12-hour Bandh) पूरे ओडिशा में जनजीवन प्रभावित (Normal Life across Odisha Disrupted) ।
ओडिशा में गुरुवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन की कई विपक्षी पार्टियों ने चार मांगों को लेकर 12 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया, जिसकी वजह से जनजीवन प्रभावित रहा। इन मांगों में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के कारण मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी शामिल था। 12 घंटे के बंद की वजह से पूरे राज्य में ट्रांसपोर्ट सर्विस पर असर पड़ा। कम्युनिस्ट पार्टियों, कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों ने कई जगहों पर सड़कों पर टायर जलाकर नेशनल और स्टेट हाईवे जाम कर दिए। इंडिया ब्लॉक के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राज्य के शहरों में अहम जगहों पर धरना दिया। बंद के दौरान यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने बाइक रैलियां भी निकाली। बंद की वजह से पैसेंजर बसें, ऑटो-रिक्शा और ट्रक ज्यादातर सड़कों से नदारद रहे। कई जगहों पर कुछ घंटों के लिए ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। कुछ जगहों पर सुरक्षाकर्मियों और इंडिया ब्लॉक के कार्यकर्ताओं-नेताओं के बीच झड़प की खबरें भी आईं, क्योंकि कार्यकर्ता रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन रोकने की कोशिश कर रहे थे। हाईवे पर सैकड़ों गाड़ियां फंसी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। बंद की वजह से ओडिशा के बड़े शहरों में प्राइवेट संस्थान, बिजनेस और दूसरी जगहें भी बंद रही।
मीडिया से बात करते हुए ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने गुरुवार को कहा कि इंडिया ब्लॉक की ओर से बुलाए गए 12 घंटे के ओडिशा बंद को पूरे राज्य में शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा रहा है और लोग बंद का समर्थन कर रहे हैं। दास ने कहा कि यह बंद चार मुख्य मांगों को लेकर किया जा रहा है। इन मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एमएमडीआर संशोधन अधिनियम 2026 को रद्द करना, पाठ्यपुस्तकों में कथित गलतियों के लिए ओडिशा के स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड का इस्तीफा और राज्य में हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए तुरंत राहत और मुआवजा शामिल है।
दास ने कहा कि बंद का असर शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में ज्यादा दिख रहा है। पूरे राज्य में स्कूल, कॉलेज, संस्थान, बाजार और ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर में पर्यटकों और राज्य के बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी से बचाने के लिए कुछ छूट दी गई थी। इमरजेंसी सर्विस को भी चलने दिया जा रहा था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से शांति बनाए रखने की बार-बार अपील की है। दास ने चेतावनी दी कि अगर सरकार चार मांगों को पूरा करने में नाकाम रही, तो आंदोलन और तेज हो जाएगा और अगले दो महीनों में इसका दायरा काफी बढ़ सकता है।
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