
इंदौर। समीक्षा बैठक में कल नगर निगम के अफसरों को मधुमिलन चौराहे के मुद्दे को लेकर अच्छा खासा घेरा गया और चौराहे का कबाड़ा करने के आरोप लगे। यह हाल मधुमिलन ही नहीं, बल्कि लोखंडे पुल चौराहा, भंवरकुआं, पाटनीपुरा और एमजी रोड मृगनयनी चौराहा के भी हैं, जहां काम ही अटके पड़े हैं। अफसरों के मुताबिक इस मामले में लेफ्ट टर्न चौड़े करने के लिए आईडीए और पुलिस विभाग से चर्चा चल रही है।
नगर निगम यातायात विभाग ने शहर के कई चौराहों को संवारने के नाम पर वहां काम शुरू करा दिए थे, लेकिन कई जगह अधूरे काम अब वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। पाटनीपुरा चौराहे को संवारने के साथ-साथ वहां सौंदर्यीकरण के कार्य होना थे, लेकिन लेफ्ट टर्न से लेकर कई अन्य कार्य अधूरे ही पड़े हैं। वहां कार्य के नाम पर सडक़ के बीचोबीच बनी श्रमिक नेता रामसिंह भाई प्रतिमा शिफ्ट की गई और बाकी काम अभी भी उलझन में पड़े हुए हैं। इसी प्रकार लोखंडे पुल और शांतिपथ को जोडऩे वाले चौराहे पर वर्षों पुरानी विशाल रोटरी छोटी करने के बजाय फिर उसी आकार में बना दी गई।
लेफ्ट टर्न भी चौड़े करने का काम इसलिए उलझन में पड़ा है, क्योंकि पुलिस विभाग की जमीन इसकी जद में आ रही है और अब निगम के अधिकारी पुलिस अफसरों से कुछ जमीन देने के मामले में चर्चा करेंगे। वहीं दूसरी ओर भंवरकुआं चौराहे को भी संवारने का मामला लेफ्ट टर्न के कारण उलझन में पड़ा है। वहां आईडीए द्वारा बनाई गई कई दुकानें इसकी चपेट में आ रही हैं। यही हाल एमजी रोड के मृगनयनी चौराहे के हैं, जहां पुराना एमजी रोड थाना तोड़े जाने के लिए निगम को अब तक कोई ठेकेदार ही नहीं मिला है। शहर के कई चौराहों को संवारने के नाम पर अफसर अपने हिसाब से प्रयोग करते हैं और खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है।
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