
इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में बीते दिनों बनी स्वास्थ्य आपात स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य होती नजर आ रही है। 10 दिनों से लगातार चल रहे संघर्ष के बाद राहत की बात यह है कि आज सुबह तक केवल एक ही नया मरीज सामने आया है। जहां पिछले कुछ दिनों में प्रतिदिन 5 से 7 मरीज मिल रहे थे, वहीं मरीजों की संख्या में आई यह गिरावट प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
भागीरथपुरा क्षेत्र में हर दिन सुबह कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त अमले के साथ गली-गली का दौरा कर रहे हैं। आज सुबह भी उन्होंने पानी की आपूर्ति पर नजर बनाए रखी। प्रशासन द्वारा मरीजों के इलाज के साथ-साथ भागीरथपुरा क्षेत्र को सामान्य जिंदगी में लौटाने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। अब यह प्रयास नजर आने लगे हैं। कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं और यदि इसी तरह सुधार जारी रहा तो अगले दो से तीन दिनों में भागीरथपुरा पूरी तरह सामान्य स्थिति में लौट सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब कोई भी गंभीर या बुरी खबर सामने नहीं आएगी। कलेक्टर स्वयं टीम के साथ दिन-रात क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं और हर स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
डाटा उपलब्ध कराएंगे
स्वास्थ्य सर्वे को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कोलकाता और भोपाल से आई विशेषज्ञ टीमों ने आज से क्षेत्र में सर्वे शुरू कर दिया है। कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के पास जो भी डाटा उपलब्ध है, वह पूरी तरह इन टीमों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि जांच और विश्लेषण में किसी प्रकार की कमी न रहे। बाहरी विशेषज्ञों की मदद से बीमारी के कारणों और रोकथाम पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
जियो-टैगिंग भी की जाएगी
जलजनित संक्रमण की आशंका को देखते हुए निगम द्वारा व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सभी निजी और सरकारी बोरिंग की सफाई की जा रही है तथा उनकी जियो-टैगिंग भी की जाएगी, ताकि भविष्य में निगरानी आसान हो सके। इसके साथ ही प्रत्येक घर के बाहर बनी पानी की टंकियों की सफाई नगर निगम द्वारा कराई जा रही है और उनमें दवाइयां भी डाली जा रही हैं, जिससे दूषित पानी के उपयोग से होने वाले खतरे को रोका जा सके। क्षेत्र में फिलहाल टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पानी का वितरण किया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वितरित पानी को उबालकर ही उपयोग में लें। इस अपील का असर भी दिखाई दे रहा है और लोग सतर्कता बरत रहे हैं।
निजी क्लिनिकों या खुद का इलाज कर रहे हैं
स्वास्थ्य विभाग आज एक विशेष अभियान चला रहा है। सुबह 11 बजे से लगभग 500 एनजीओ कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजकर स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है। अब जो मरीज घर में रहकर खुद का इलाज कर रहे हैं, उन पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर है। कल तक घर-घर जाकर एक दर्जन से ज्यादा मरीजों को अस्पताल तक लाया गया था। कुल मिलाकर, प्रशासनिक की सक्रियता, स्वास्थ्य विभाग की मेहनत और नागरिकों के सहयोग से भागीरथपुरा की स्थिति तेजी से सामान्य की ओर लौटती दिखाई दे रही है।
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