
नई दिल्ली । अगर आपको हॉरर और सस्पेंस(horror and suspense)से भरपूर कहानियां (Stories)देखना पसंद है तो ओटीटी पर मौजूद दहन-राकन का रहस्य आपके लिए एक दिलचस्प विकल्प हो सकती है। इस सीरीज में डरावने(events in the series) रहस्य रहस्यमयी घटनाएं(Spooky secrets) और एक ऐसे गांव की कहानी दिखाई गई है जिसे शापित माना जाता है। इसकी कहानी में लोककथाओं और अंधविश्वास के साथ वैज्ञानिक जांच का पहलू भी जुड़ा हुआ है। सीरीज की IMDb रेटिंग 7.1 बताई गई है। खास बात यह है कि इसकी कहानी लिखने वाले लेखकों के बीच राइटिंग के दौरान इतने मतभेद होते थे कि एक समय पर उन्हें थेरेपिस्ट की मदद तक लेनी पड़ी थी। यही वजह है कि इस सीरीज के पीछे की कहानी भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाती है।
दहन-राकन का रहस्य की कहानी राजस्थान के शिलासपुर नाम के एक गांव के इर्दगिर्द घूमती है। यहां अवनी राउत नाम की आईएएस अधिकारी की पोस्टिंग होती है। इस किरदार को अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा ने निभाया है। अवनी अपने पति की मौत से जुड़े सदमे और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच अपनी जिंदगी को संभालने की कोशिश कर रही होती हैं। इसी दौरान उन्हें मैंगोन कॉर्पोरेशन की एक अहम दुर्लभ खनिज खनन परियोजना की जिम्मेदारी मिलती है। शुरुआत में यह काम एक प्रशासनिक चुनौती जैसा नजर आता है लेकिन जल्द ही मामला रहस्यमयी घटनाओं और गांव की पुरानी मान्यताओं से जुड़ने लगता है।
गांव के मुखिया स्वरूप की भूमिका सौरभ शुक्ला ने निभाई है। वह जमीन की खुदाई का विरोध करते हैं और चेतावनी देते हैं कि अगर धरती को छेड़ा गया तो रिधियाकन नाम का राक्षस जाग सकता है। उनके मुताबिक इस रहस्यमयी शक्ति के जागने से गांव पर बड़ी मुसीबत आ सकती है। दूसरी ओर खनन परियोजना से जुड़े काम और प्रशासनिक जिम्मेदारियां अवनी के सामने कई सवाल खड़े करती हैं। गांव में मरे हुए पक्षियों का मिलना और रहस्यमयी हत्याओं जैसी घटनाएं कहानी को और डरावना बना देती हैं। अब यह पता लगाना जरूरी हो जाता है कि इन घटनाओं के पीछे कोई अलौकिक ताकत है या फिर इसके पीछे कोई ऐसा सच छिपा है जिसे सामने आने से रोका जा रहा है।
सीरीज की खासियत यह है कि इसमें केवल डर पैदा करने पर जोर नहीं दिया गया है बल्कि रहस्य को धीरे-धीरे खोलने की कोशिश भी की गई है। अवनी एक डॉक्टर की मदद से घटनाओं के पीछे वैज्ञानिक कारण तलाशती हैं। इस दौरान गांव की मान्यताओं प्रशासनिक दबाव और खनन परियोजना से जुड़े सवाल कहानी को आगे बढ़ाते हैं। टिस्का चोपड़ा और सौरभ शुक्ला के अलावा इसमें राजेश तैलंग मुकेश तिवारी रोहन जोशी और लहर खान सहित कई कलाकार नजर आते हैं। सीरीज का निर्देशन विक्रांत पंवार और जय शर्मा ने किया है।
इस सीरीज से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा इसकी लेखन प्रक्रिया का भी है। लेखक निसर्ग मेहता ने एक बातचीत में बताया था कि कहानी लिखते समय तीनों लेखकों के बीच काफी बहस होती थी। कई बार दो लेखक एक राय पर होते थे तो तीसरा उनसे असहमत रहता था। वहीं शिवा बाजपयी ने बताया कि उनके बीच बहस के दौरान रोना-धोना तक हुआ और कभी-कभी वे एक-दूसरे पर पेंसिल भी फेंक देते थे। हालात ऐसे हो गए थे कि एक समय पर उन्हें थेरेपिस्ट को भी हायर करना पड़ा। हालांकि लेखकों के मुताबिक असहमति ने कहानी को बेहतर बनाने में मदद की और निर्देशक ने उन्हें अपनी कल्पना के मुताबिक कहानी विकसित करने की पूरी स्वतंत्रता दी।
अगर आप डरावनी कहानियों के साथ रहस्य और थ्रिलर का अनुभव लेना चाहते हैं तो दहन-राकन का रहस्य देख सकते हैं। यह सीरीज डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर उपलब्ध बताई गई है। शापित गांव की कहानी खनन से जुड़ा रहस्य और वैज्ञानिक जांच का मेल इसे हॉरर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए एक विकल्प बनाता है।
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