
मेरठ। हाथ (hand) में सूर्य रेखा और भाग्य रेखा (Sun line and fate line) दोनों ही विशेष रेखाओं में शामिल हैं। हस्तरेखा विज्ञान ( (palmistry) ) के अनुसार यदि व्यक्ति के हाथ में सूर्य रेखा और भाग्य रेखा दोनों शुभ हों और एक-दूसरे के समानान्तर तो ऐसा व्यक्ति बहुत ही सौभाग्यशाली होता है। रेखाओं के इस योग में स्पष्ट और सीधी मस्तिष्क रेखा चार चांद लगाती है। ऐसा व्यक्ति बहुत ही धनाढ्य और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीता है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार रेखाओं का यह योग व्यक्ति को बुद्धिमान भी बनाता है। इस तरह का व्यक्ति जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता पाने वाला होता है।
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार हृदयरेखा के पास से यदि सूर्य रेखा आरंभ होती है तो ऐसा व्यक्ति अपने जीवन के उत्तरकाल में तरक्की करता है। अधिकांश स्थितियों में ऐसे लोग 56 वर्ष की आयु में कुछ चमत्कारिक काम करते हैं। लेकिन इसके लिए हाथ में सूर्य रेखा का स्पष्ट और अच्छा होना जरुरी है। यदि ऐसा है तो व्यक्ति अपने जीवन के आखिरी चरण को बहुत ही अच्छे से जीता है।
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार यदि सूर्य रेखा मणिबंध या इसके पास से शुरू होकर भाग्यरेखा के निकट एवं समानान्तर अपने स्थान पर पहुंचे तो ऐसा योग बहुत ही खास और अच्छा माना गया है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार ऐसा व्यक्ति जीवन में जिस काम को भी हाथ में लेता है उसमें सफलता पाता है। हालांकि यदि हृदयरेखा के ऊपर सूर्य रेखा ना हो अथवा छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित हो तो व्यक्ति का जीवन बहुत खुशहाल नहीं रहता। ऐसा व्यक्ति जीवनभर संघर्षों में जीवन व्यतीत करता है।
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