
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस महकमे को हिला देने वाला मामला सामने आया है. यहां लोहियानगर थाने में तैनात दो दरोगाओं पर आरोप लगा है कि पहले उन्होंने एक धागा व्यापारी का अपहरण किया. फिर उसके मुंह में पिस्टल डालकर 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूली. एसएसपी अविनाश पांडे के आदेश पर दोनों आरोपी दरोगाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
घटना का खुलासा तब हुआ जब लिसाड़ी गेट निवासी व्यापारी रासिख ने आपबीती सुनाई. शिकायत के मुताबिक, उपनिरीक्षक (SI) लोकेन्द्र साहू और महेश कुमार ने व्यापारी को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने व्यापारी को अपनी गाड़ी में बंधक बनाया और पैर में गोली मारकर ‘फर्जी एनकाउंटर’ करने का डर दिखाया. मौत के खौफ में व्यापारी से 20 लाख रुपये वसूल लिए गए.
व्यापारी का आरोप है कि दरोगाओं ने उसके मुंह में पिस्टल डाल दी थी और कहा था- पैसे दे दे, नहीं तो यहीं ढेर कर देंगे. जब पीड़ित ने बाद में अपनी रकम वापस मांगी, तो दरोगाओं ने उसे डराया कि ये तो हवाला का पैसा है. इसे मांगोगे तो जान से हाथ धो बैठोगे.
हैरानी की बात यह है कि जैसे ही 10 फरवरी 2026 को थाना लिसाड़ी गेट में मुकदमा दर्ज हुआ, दोनों दरोगा रातोरात फरार हो गए. सूत्रों के मुताबिक, फंसते देख दरोगाओं ने व्यापारी को 15 लाख रुपये वापस भी किए, लेकिन कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अब वे पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. यह घटना मूल रूप से 8 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है, जिस पर अब एक्शन हुआ है.
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ किया है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने बताया- धागा व्यापारी की शिकायत पर दोनों दरोगाओं के खिलाफ बीएनएस की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं. खाकी की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
फिलहाल दोनों दरोगा पुलिस रिकॉर्ड में फरार हैं. मेरठ पुलिस अपनी ही बिरादरी के इन दागी अफसरों की तलाश में दबिश दे रही है. इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved