
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल और ईस्टर्न रेंज की टीम ने एक बड़े पाकिस्तान समर्थित अंतरराष्ट्रीय आतंक-अपराध मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मॉड्यूल का संचालन पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर-टर्न्ड-टेररिस्ट शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर कर रहे थे। इस सफल ऑपरेशन में 7 प्रमुख operatives को गिरफ्तार किया गया है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में कई संभावित आतंकी हमलों को रोका जा सका है।
ऑपरेशन की सफलता
स्पेशल सेल की टीम, इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार तेवतिया और अजीत कुमार के नेतृत्व में और एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट के मार्गदर्शन में लंबे समय से इस नेटवर्क पर नजर रखे हुए थी। मई 2026 के मध्य में मिले खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई शुरू हुई। टीम ने लोनी, गाजियाबाद के मोहित को यमुना विहार के पास गिरफ्तार किया, जिसके पास से एक अवैध पिस्तौल और चैट्स बरामद हुए। आगे की पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपी
अनास त्यागी (26 वर्ष, अशोक विहार, लोनी, गाजियाबाद) – शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर से सैकड़ों बार संपर्क।
मोहित योगी (26 वर्ष, सरस्वती विहार, लोनी) – अजमल गुज्जर से हजारों बार बातचीत।
दीपक अग्रोला (38 वर्ष, ट्रॉनिका सिटी, गाजियाबाद) – 23 आपराधिक मामले, जेल से ही संपर्क बनाए रखा।
आरिफ (30 वर्ष, लोनी) – हथियार और ड्रग्स के मामलों में संलिप्त।
करणवीर सिंह (26 वर्ष, फतेहगढ़ साहिब, पंजाब)।
जतन (29 वर्ष, ट्रॉनिका सिटी)।
साबिर (30 वर्ष, लोनी)।
बरामदगी
5 अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौलें
41 जिंदा कारतूस
7 मोबाइल फोन (जिनमें शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर के इंक्रीमिनेटिंग चैट्स और वॉइस नोट्स)
1 स्कॉर्पियो वाहन
बैंक खातों का विवरण (ड्रग्स और हथियारों की कमाई के लेन-देन के लिए)
पाकिस्तान से कैसे जुड़ा था नेटवर्क?
शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर पाकिस्तान से बैठकर भारतीय युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए रेडिकलाइज और रिक्रूट कर रहे थे। आईएसआई के संरक्षण में यह मॉड्यूल पंजाब के रास्ते ड्रोन से हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन/चिट्टा दिल्ली-एनसीआर भेजता था।
क्या था साजिश और प्लानिंग?
सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स से युवाओं को संपर्क।
पैसे, हथियार और अपराधिक जीवनशैली का लालच।
डेड-ड्रॉप डिलीवरी सिस्टम।
UPI स्कैनर, हवाला और दुबई स्थित खातों से पेमेंट।
टारगेट रेकी कर पाकिस्तान भेजना और हमलों की प्लानिंग।
आरोपियों को सार्वजनिक स्थानों, खानपान केंद्रों और संवेदनशील जगहों की रेकी करने के निर्देश दिए गए थे, जिसका मकसद साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना और आतंक फैलाना था। पुलिस की उपलब्धिदिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ा है, बल्कि कई बड़े आतंकी हमलों को भी नाकाम कर दिया है। आगे की जांच जारी है और फरार आरोपियों व मध्यस्थों को पकड़ने के प्रयास चल रहे हैं।
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