
नई दिल्ली: बीजेपी हाईकमान (BJP High Command) ने मणिपुर (Manipur) के सभी पार्टी विधायकों (All party MLAs) के साथ-साथ एनडीए सहयोगी दलों के विधायकों को तत्काल विचार-विमर्श के लिए दिल्ली (Delhi) बुलाया है, जिससे राज्य में नई राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं. 31 जनवरी को जारी निर्देश में सभी विधायकों को 2 फरवरी को दोपहर 2 बजे से पहले राष्ट्रीय राजधानी में उपस्थित रहने को कहा गया है, जबकि कई विधायक 1 फरवरी को ही रवाना होने वाले हैं.
यह कदम ऐसे नाजुक समय में उठाया गया है, जब मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है और विधानसभा का कामकाज निलंबित है. 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन के एक साल पूरे होने के करीब आने के साथ, बैठक के समय को लेकर संभावित राजनीतिक पुनर्गठन, शासन संबंधी निर्णयों और राज्य के भविष्य के रोडमैप पर सवाल उठ रहे हैं.
2 बजे तक तक दिल्ली पहुंचने का निर्देश
हालांकि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने बैठक के एजेंडे का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है, लेकिन इस बुलावे ने संभावित राजनीतिक पुनर्गठन, शासन संबंधी निर्णयों और राज्य के भविष्य के लिए एक रोडमैप के बारे में अटकलों को हवा दी है. सूत्रों के मुताबिक यह संदेश बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ए.शारदा देवी के जरिे से दिया गया, जबकि बीजेपी के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा ने व्यक्तिगत रूप से विधायकों से संपर्क कर उन्हें 2 फरवरी को दोपहर 2 बजे तक तक दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया.
महत्वपूर्ण निर्णयों पर हो सकती है चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मणिपुर में लंबे समय से जारी प्रशासनिक और राजनीतिक अनिश्चितता को देखते हुए परामर्श का समय महत्वपूर्ण है. विधायक और पार्टी पदाधिकारी दिल्ली में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, इस उम्मीद के साथ कि राज्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा हो सकती है.
3 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू
सूत्रों के मुताबिक 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन के खत्म होने से पहले राज्य में सरकार बनाने की आखिरी कोशिश की जा रही है. खबर है कि हफ्ते भर के अंदर मणिपुर में नई सरकार बन सकती है. बता दें कि मणिपुर में 12 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है.
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