
तिरुवनंतपुरम। केरल में फिल्म ‘केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सत्तारूढ़ वाम दल की छात्र इकाई एसएफआई द्वारा आयोजित बीफ पार्टी पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने कड़ा एतराज जताया है। आईयूएमएल ने इस आयोजन को भड़काऊ और सस्ती राजनीतिक चाल करार दिया है। यह विरोध फिल्म के एक दृश्य को लेकर किया गया था, जिसमें ट्रेलर के अनुसार एक किरदार को जबरन बीफ खिलाए जाने का दृश्य दिखाया गया है।
आईयूएमएल के प्रदेश महासचिव पी. एम. ए. सलाम ने कहा कि बीफ को किसी खास समुदाय से जोड़ना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि बीफ और मुसलमानों के बीच क्या संबंध है। उनका कहना है कि भारत में बीफ निर्यात से जुड़े कारोबार में विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आयोजन आम मुस्लिम मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश है।
सलाम ने कहा कि बीफ उत्सव जैसे विरोध प्रदर्शन समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग बीफ नहीं खाते, उन्हें कोई मजबूर नहीं कर रहा है। लेकिन इस तरह के आयोजन राजनीतिक संदेश देने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़ा।
आईयूएमएल नेता ने फिल्म की भी आलोचना की। उनका कहना है कि इस तरह की फिल्में समुदायों के बीच विभाजन पैदा कर सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी कहानियां समाज में अविश्वास बढ़ाती हैं। फिल्म का निर्देशन कमाख्या नारायण सिंह ने किया है और यह 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है।
मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन ने भी फिल्म के बहिष्कार की अपील की थी। हालांकि, एमएसएफ के प्रदेश महासचिव सी. के. नजफ ने एसएफआई के बीफ पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। यह आयोजन तिरुवनंतपुरम के मानवियम वीथि पर जिला समिति द्वारा किया गया था।
फिल्म का पहला भाग राष्ट्रीय पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ निर्देशन और सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी के लिए सम्मानित हुआ था। अब दूसरे भाग को लेकर विवाद तेज है। एक ओर एसएफआई इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ रहा है, तो दूसरी ओर आईयूएमएल इसे भड़काऊ राजनीति बता रहा है। फिल्म की रिलीज से पहले ही केरल में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
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