
नई दिल्ली ।कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के आंदोलन को लेकर अभिनेत्री और मॉडल पूनम पांडे (Poonam Pandey) के रुख में बदलाव सामने आया है। नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) के खिलाफ छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पहुंची पूनम ने अब संगठन के मौजूदा विरोध प्रदर्शनों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (P.M .Narendra Modi)के इस्तीफे की मांग पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इस तरह की मांगों को देश के साथ मजाक बताते हुए कहा कि किसी के भी प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगने भर से देश नहीं चलता।
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर जून और जुलाई में हुए प्रदर्शनों के दौरान सीजेपी को कई लोगों का समर्थन मिला था। छात्रों के हितों से जुड़े सवालों को लेकर आम लोगों के साथ कुछ जानी-मानी हस्तियां भी आंदोलन में शामिल हुई थीं। 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाए जाने के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई थी। इसी दौरान पूनम पांडे भी वहां पहुंची थीं। उन्होंने छात्रों की समस्याओं पर जल्द ध्यान देने की मांग करते हुए आंदोलन का समर्थन किया था।
हालांकि, अब सीजेपी की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को लेकर पूनम ने अलग रुख अपनाया है। संगठन इस समय मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। पूनम ने इन मांगों और आंदोलन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में जो कुछ हो रहा है, वह उचित नहीं है।
पूनम के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल कई लोगों को यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे किस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ बच्चों को यह तक पता नहीं है कि वे वहां क्यों बैठे हैं। उनके अनुसार, इस तरह की स्थिति देश के लिए ठीक नहीं है और इससे अनावश्यक विवाद पैदा हो सकता है। उन्होंने मौजूदा घटनाक्रम को अस्वस्थ राजनीतिक माहौल से जोड़ते हुए अपनी चिंता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से उठकर प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगने लगे, यह उचित तरीका नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री के पद का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का संचालन इस तरह नहीं होता। उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर था कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद को लेकर की जाने वाली मांगों और राजनीतिक प्रदर्शनों में गंभीरता होनी चाहिए।
पूनम ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े एक मामले पर भी टिप्पणी की। उन्हें देश छोड़ने के नोटिस के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अमेरिकी नागरिक है, तो उसे किसी दूसरे देश के आंतरिक मामलों में दखल देने से बचना चाहिए। इस टिप्पणी के साथ उन्होंने देश में जारी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी अपनी असहमति जाहिर की।
इधर, शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में सीजेपी ने ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम के लिए समर्थकों को बुलाया था। इस दौरान संगठन के विरोध में भी बड़ी संख्या में लोग जुटे। कनॉट प्लेस के कुछ कारोबारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाए तथा सीजेपी के खिलाफ विरोध जताया।
कार्यक्रम से पहले सीजेपी के युवा नेताओं अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद कार्यक्रम में संगठन के समर्थकों की संख्या कम रही। इस घटनाक्रम के बीच सीजेपी को राजनीतिक विरोध के साथ-साथ पहले समर्थन कर चुके लोगों की आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है। पूनम पांडे का बदला हुआ रुख इसी विवाद का एक प्रमुख पहलू बन गया है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved