वॉशिंगटन। दुनिया को बहुग्रहीय (Multi-planetary) बनाने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य के बीच एलन मस्क (Elon Musk) ने रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। उनकी कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) अब पहले मंगल की बजाय चांद पर मानव बस्ती बसाने की दिशा में काम तेज करने जा रही है।
चांद पर शहर बसाना ज्यादा व्यावहारिक
मस्क का कहना है कि चांद पर सेल्फ-सस्टेनिंग (स्वावलंबी) शहर बसाना तकनीकी और लॉजिस्टिक दृष्टि से मंगल की तुलना में आसान है।
उनके अनुसार, जहां चांद पर यह लक्ष्य करीब 10 वर्षों में हासिल किया जा सकता है, वहीं मंगल ग्रह पर इसी तरह की बस्ती बसाने में कम से कम 20 साल लग सकते हैं।
पहले रोबोट, फिर इंसान
मंगल मिशन के शुरुआती चरण में जहरीले वातावरण, अत्यधिक ठंड और विकिरण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ह्यूमनॉइड रोबोट्स भेजने की योजना थी।
अब मस्क का मानना है कि चांद पर शुरुआती बस्ती विकसित कर वहां सीखी गई तकनीकों का इस्तेमाल बाद में मंगल मिशन में किया जाएगा।
मंगल मिशन छोड़ा नहीं, सिर्फ टाला
मस्क ने साफ किया कि मंगल पर शहर बसाने का सपना खत्म नहीं हुआ है।
उनके मुताबिक: चांद पर स्थायी बेस बनाना “टेस्ट-बेड” की तरह काम करेगा! यहां विकसित जीवन-समर्थन तकनीक, ऊर्जा प्रणाली और निर्माण मॉडल मंगल के लिए उपयोगी होंगे! अगले 5–7 वर्षों में मंगल मिशन को फिर गति दी जा सकती है।
मानव सभ्यता की सुरक्षा से जुड़ा विजन
मस्क लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि मानव जाति का भविष्य केवल पृथ्वी तक सीमित नहीं होना चाहिए।
उनका लक्ष्य ऐसी आत्मनिर्भर बस्तियां बनाना है, जो किसी वैश्विक आपदा की स्थिति में भी मानव सभ्यता को सुरक्षित रख सकें।
बड़ी तस्वीर:
स्पेसएक्स की नई रणनीति “सीधे मंगल” की बजाय “पहले चांद, फिर मंगल” मॉडल पर आधारित दिखाई दे रही है—यानी अंतरिक्ष उपनिवेश (Space Colonization) की दिशा में चरणबद्ध विस्तार।
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