
इंदौर। शहर की आबोहवा को साफ स्वच्छ बनाए रखने के लिए देवगुराडिय़ा में एक और नगर वन बनाने की तैयारियां की शुरू हो चुकी है। यह एक और नगर वन पहले वाले नगर वन का पार्ट-2 है। यह लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। शहर में जहां कुछ स्वार्थी रहवासियों और संबंधित विभागों के कर्मचारियों की मिलीभगत से आए दिन पेड़ों की कटाई के चलते हरियाली का लगातार खात्मा किया जा रहा है, तो वहीं भारत सरकार द्वारा वन विभाग के माध्यम से शहर का पर्यावरण संतुलन बनाने के लिए नगर वनों की सौगात दी जा रही है।
पिछले सालों में आईआईटी कॉलेज सिमरोल और देवगुराडिय़ा में 2 करोड़ से ज्यादा रुपये के पचास-पचास हेक्टेयर के 2 नगर वन की सौगत मिल चुकी है। दोनों जगह निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। इन दोनों के अलावा अब इस साल 2026 में कुछ और नए नगर वन बनाने की तैयारियां शुरू हो चुकी है। यह नए नगर वन 2028 तक बनाए जाने है।
इस मामले में स्थानीय सांसद, जिला प्रशासन के सहयोग से प्रस्ताव बनाए जा चुके है। वन विभाग के अनुसार देवगुराडिय़ा में 50 हेक्टयर जमीन पर जहां नगर वन बनाया गया है। अब वहीं पर अतिरिक्त 50 हेक्टेयर जमीन पर 2 करोड़ रुपये की लागत एक और नगर वन बनाने की तैयारी की जा रही है।
2 साल में शहर को मिलेंगे और नए नगरवन
वन विभाग इंदौर के जिला वन मण्डलाधिकारी लाल सुधाकर सिंह ने बताया कि इस साल 2026 से लेकर 2028 तक इन 2 सालों में और नए नगर वन मिलेंगे। स्थानीय सांसद शंकर लालवानी के नेतृत्व में लगभग 4 और नए नगर वन बनाने का प्रस्ताव बनाये जा चुके हैं। यह सभी नगर वन भारत सरकार के निधि से बनाये जाना है, इसलिए स्थानीय सांसद और जिला प्रशासन के दिशा निर्देश में इस योजना पर कार्य किया जा रहा है। शहर में प्रस्तावित नगर वनों में देवगुराडिय़ा, पुलिस फायरिंग रेंज दतौनी, मोरोद सहित अन्य स्थान शामिल किए गए हैं। प्रस्ताव के अनुसार 8 करोड़ रुपये की लागत से अगले 2 साल में 4 नए नगर वन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय सांसद के माध्यम से शहर के आसपास 4 नए नगर वन बनाने के प्रस्ताव बनाये जा चुके है। बस दिल्ली से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। संगीता ठाकुर, फ़ॉरेस्ट रेंजर इंदौर वन विभाग
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