
वृंदावन । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Draupadi Murmu) ने वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से (With renowned saint Premananda Maharaj in Vrindavan) कई विषयों पर चर्चा की (Discussed various Topics) ।
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शुक्रवार को श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में हुई इस शिष्टाचार भेंट में राष्ट्रपति और महाराज ने मुख्य रूप से अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की। श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचते ही प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों और शिष्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। राष्ट्रपति ने आश्रम में समय बिताते हुए संत से आशीर्वाद लिया और उनके विचारों को समझा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक मार्गदर्शक समाज में सेवा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं। उनके साथ बातचीत में दोनों ने समाज की भलाई और लोगों के कल्याण पर भी चर्चा की।
इसके अलावा, अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित संस्था वात्सल्य ग्राम में भी जाएंगी। यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए जानी जाती है और राष्ट्रपति वहां जाकर संस्थान के कामकाज की जानकारी लेंगी और बच्चों व बुजुर्गों से मिलेंगी। राष्ट्रपति की यात्रा का अंतिम दिन 21 मार्च को गोवर्धन के दंगहाटी मंदिर में प्रार्थना और सात मील की पारंपरिक गोवर्धन परिक्रमा के साथ समाप्त होगा। इसके बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
इससे पहले, उन्होंने 19 मार्च को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की और वैदिक मंत्रों के साथ प्रार्थना की। यह यंत्र मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित किया गया है और इसे मंदिर निर्माण का अंतिम स्तर माना जाता है। इस स्थापना के साथ ही मंदिर का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हुआ माना जा रहा है। इसके बाद राष्ट्रपति गुरुवार शाम मथुरा पहुंचीं और वहां इस्कॉन मंदिर गईं। उन्होंने मंदिर में प्रार्थना की और शाम की आरती में भाग लिया।
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