
यरूशलम । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने ‘याद वाशेम’ में होलोकॉस्ट पीड़ितों को (To Holocaust Victims in Yad Vashem) पुष्पांजलि अर्पित की (Paid Floral Tribute) । इसके बाद प्रेसिडेंशियल गार्डन में राष्ट्रपति हर्जोग के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाया ।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पोस्ट पर इसे नरसंहार के पीड़ितों को दिया गया सम्मान बताया। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड होलोकॉस्ट रिमेम्बरेंस सेंटर, याद वाशेम का दौरा किया। यह पीएम का याद वाशेम का दूसरा दौरा था। पीएम ने होलोकॉस्ट पीड़ितों को फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम ने दिल को छू लेने वाले बुक ऑफ नेम्स हॉल का भी दौरा किया, जो होलोकॉस्ट के दौरान मारे गए लाखों लोगों की याद को सहेजे हुए है।” पोस्ट के अनुसार, यह मेमोरियल अतीत की क्रूरता और अन्याय के खिलाफ खड़े होने और एक बेहतर दुनिया बनाने के हमारे मिलकर किए गए इरादे की याद दिलाता है।
प्रधानमंत्री मोदी का अगला पड़ाव राष्ट्रपति हर्जोग से मुलाकात थी । दोनों ने भारत-इजरायल की साझेदारी को और मजबूत करने पर विचार किया। एमईए की पोस्ट के अनुसार, पीएम ने राष्ट्रपति संग एजुकेशन, स्टार्ट-अप्स, इनोवेशन, टेक और कनेक्टिविटी में सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर सार्थक चर्चा की। इसके बाद दोनों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत प्रेसिडेंशियल गार्डन में एक पौधा लगाया। पीएम ने राष्ट्रपति हर्जोग को जल्द ही भारत आने का न्योता भी दिया।
पीएम मोदी की दो दिन की राजकीय यात्रा गुरुवार को समाप्त हो रही है; इससे पहले दोनों देशों के पीएम प्रेस को भी संबोधित करेंगे। बुधवार को पीएम को इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने एयरपोर्ट पर रिसीव किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को भी संबोधित किया। वे इजरायली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से भी नवाजा गया। अपने संबोधन में नेतन्याहू ने पीएम मोदी को अपना ‘सच्चा मित्र’ और ‘मित्र से बढ़कर भाई’ तक बताया। नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री को दुनिया का महान नेता बताते हुए ‘मोदी हग’ का भी जिक्र किया।
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