
गांधीनगर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 11 जनवरी को (On January 11) सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शिरकत करेंगे (Will Participate in Somnath Swabhiman Parv) । अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि 8 से 11 जनवरी तक मंदिर परिसर में कई आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा सोमनाथ मंदिर में सालभर कई कार्यक्रम होंगे।
वर्ष 1026 में गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले के 1,000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व आयोजित किया जा रहा है। विदेशी आक्रांताओं ने कई बार इस मंदिर को लूटा और नष्ट किया, लेकिन हर बार इसे बनाया गया। यह सदियों से चले आ रहे राष्ट्रीय गौरव और सभ्यता की ताकत को दिखाता है।इसका मुख्य विषय ‘अटूट आस्था’ है, जो बार-बार हमलों के बावजूद भारत की स्थायी संस्कृति और भावना के प्रतीक के रूप में मंदिर के महत्व पर जोर देता है।
इससे पहले, पीएम मोदी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि सोमनाथ मंदिर भारतीय आत्मा की शाश्वत घोषणा है और नफरत और कट्टरपंथ में भले ही एक पल के लिए नष्ट करने की शक्ति हो, लेकिन अच्छाई की शक्ति में विश्वास और दृढ़ विश्वास में हमेशा के लिए बनाने की ताकत होती है। उन्होंने बताया कि जनवरी 1026 में हमलावरों द्वारा सोमनाथ मंदिर पर पहली बार हमला किए जाने के बाद 2026 में हजार साल पूरे हो जाएंगे। सोमनाथ मंदिर के इतिहास और सदियों पहले हमलावरों द्वारा इसे नष्ट किए जाने की कहानी बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अदम्य सभ्यता की भावना का सोमनाथ से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता, जो बार-बार हमलों और भारी मुश्किलों के बावजूद आज भी शान से खड़ा है।
लाखों लोगों द्वारा पूजे जाने वाले सोमनाथ पर जब विदेशी हमलावरों ने हमला किया था, उस दौर को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनका एजेंडा भक्ति नहीं, बल्कि विनाश था। 2026 को इस पवित्र स्थान के लिए एक महत्वपूर्ण साल बताते हुए उन्होंने कहा कि यह मंदिर पर पहले हमले के 1,000 साल पूरे होने का प्रतीक होगा। उन्होंने आगे कहा कि 2026 में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा होगा, जब दोबारा बनाए गए मंदिर को भक्तों के लिए खोले जाने के 75 साल पूरे हो जाएंगे।
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