
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) ने कहा कि भारत की तेल आपूर्ति खतरे में होने के बावजूद (Despite India’s oil supply being at Risk) प्रधानमंत्री की चुप्पी अफसोसजनक है (Prime Minister’s Silence is Regrettable) । राहुल गांधी ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान भारत को होने वाली परेशानियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा ।
राहुल गांधी की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “विश्व एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है। आगे भयंकर संकट मंडरा रहा है। भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारे आयात का 40 फीसदी से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए स्थिति और भी बदतर है।” राहुल गांधी ने लिखा है, “संघर्ष हमारे पड़ोस तक पहुंच गया है, हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूब गया है। फिर भी प्रधानमंत्री ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ऐसे समय में हमें एक स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है। इसके विपरीत भारत के पास एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो समझौतावादी हैं और रणनीतिक स्वायत्तता को त्याग दिया है।”
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। सप्लाई पर असर पड़ने के कारण कीमतों में उछाल आया है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक कंटेनर जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज को नुकसान पहुंचा।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी को लेकर भारत फिलहाल सुरक्षित स्थिति में है। देश के पास लगभग 25 दिनों का कच्चे तेल का भंडार और 25 दिनों के पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक मौजूद है। भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक आयात करता है, जिसमें से करीब 50 प्रतिशत तेल मिडिल ईस्ट के देशों से आता है, जो मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंचता है। ईरान युद्ध के बाद इस मार्ग से सप्लाई प्रभावित हुई है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved