मॉस्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा है कि वह एक बुद्धिमान नेता हैं और इसलिए वह अपने देश के हितों से कभी समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी (PM Modi) कोई भी ऐसा कदम नहीं उठा सकते जिससे भारतीयों को नुकसान हो। इसी सप्ताह पुतिन ने संकेत दिया था कि प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में रूस की यात्रा कर सकते हैं। पुतिन ने कहा है कि व्यापार असंतुलन दूर करने के लिए भारत से आयात बढ़ाया जाएगा।
बता दें कि अमेरिका भारत पर रूस से तेल आयात करने को लेकर खफा है। वह किसी तरह भारत पर दबाव बनाकर रूस से तेल आयात कम करवाना चाहता है। हालांकि भारत किसी तरह के दबाव में आने वाला नहीं है। पुतिन ने कहा, भारत के लोग कभी अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर सकते। मैं पीएम मोदी को जानता हूं। वह ऐसा कदम कभी नहीं उठाएंगे।
अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी का आयात शुल्क लगा दिया है। इसमें से आधा रूस से आयात के लिए लगाया गया है। बीते दिनों संयुक्त राष्ट्र में संबोधन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन पक यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद करने का आरोप लगाया था। पुतिन ने रूस-भारत संबंधों की सोवियत संघ के दिनों से ‘‘विशेष’’ प्रकृति पर प्रकाश डाला जब भारत अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहा था। उन्होंने कहा, ‘भारत में वे इसे याद रखते हैं, वे इसे जानते हैं और वे इसे महत्व देते हैं। हम इस बात की सराहना करते हैं कि भारत इसे नहीं भूला है।’
व्यापार असंतुलन को कम करने के लिए पुतिन ने दिया आदेश
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना मित्र बताते हुए कहा कि वह उनके साथ भरोसेमंद संबंधों को लेकर सहज महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है। पुतिन ने कहा, ‘भारत से अधिक कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। औषधीय उत्पादों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं।’
उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया लेकिन इन अवसरों को पूरी तरह से भुनाने के लिए कुछ विशिष्ट मुद्दों को हल करने की आवश्यकता को भी स्वीकार किया। पुतिन ने कहा, ‘हमें अपने अवसरों और संभावित लाभों को प्राप्त करने के लिए सभी प्रकार के मुद्दों को हल करने की आवश्यकता है।’ उन्होंने वित्तपोषण, साजो-सामान और भुगतान संबंधी बाधाओं को प्रमुख चिंताएं बताया।
पुतिन ने इस बात का भी जिक्र किया कि रूस और भारत के बीच विशेष रणनीतिक विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी की घोषणा को जल्द ही 15 साल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक संबंधों को लेकर रूस और भारत लगभग हमेशा अपने कार्यों के बीच समन्वय करते हैं। पुतिन ने कहा, ‘हम अन्य प्रमुख मुद्दों पर हमारे देशों की स्थिति को हमेशा सुनते एवं ध्यान में रखते हैं। हमारे विदेश मंत्रालय मिलकर बहुत निकटता से काम करते हैं।’ इसके अलावा उन्होंने एआई और अन्य अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए एक संयुक्त कोष के विचार का स्वागत किया। यह प्रस्ताव सोची मंच में भाग ले रहे नयी दिल्ली स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआईएफ) के महानिदेशक डॉ. अरविंद गुप्ता ने पेश किया।
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