
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के कोटद्वार के जिम संचालक दीपक कुमार की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा देशभक्त बताया है। राहुल ने कहा कि दीपक ने नफरत के खिलाफ डटकर कमजोर की रक्षा की और इससे बड़ी देशभक्ति कोई नहीं हो सकती। दीपक उस समय चर्चा में आए जब उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का विरोध किया, जो कथित तौर पर एक मुस्लिम दुकानदार को परेशान कर रहे थे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दीपक कुमार और उनके मित्र विजय रावत के साथ मुलाकात का वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि देश में करोड़ों लोगों के दिल में प्रेम और सौहार्द की भावना है, लेकिन मन में डर भी है। दीपक ने अपने साहस से लोगों को रास्ता दिखाया है। जो लोग नफरत फैलाते हैं और समाज को डराते हैं, वे कायर हैं। उनसे डरने की जरूरत नहीं है। राहुल ने कहा कि दीपक ने तिरंगे और संविधान की रक्षा की है।
यह घटना 26 जनवरी की है। कोटद्वार के पटेल मार्ग पर स्थित ‘बाबा’ नाम की कपड़ों की दुकान के बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि 70 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद को दुकान का नाम बदलना चाहिए। इसी दौरान झड़प हुई। दुकानदार के बेटे के मित्र दीपक कुमार ने हस्तक्षेप किया और खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हुए प्रदर्शनकारियों का सामना किया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
31 जनवरी को फिर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दुकान और दीपक के जिम के बाहर जमा हुए। सड़क जाम की गई और नारेबाजी हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू में किए और बड़ा टकराव टल गया। इस पूरे घटनाक्रम में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। दीपक कुमार 42 वर्ष के हैं और ‘द हल्क’ नाम से जिम चलाते हैं। उनका कहना है कि इस विवाद के बाद उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
राहुल गांधी ने दीपक कुमार से दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस नेता वैभव वालिया और अन्य लोग भी मौजूद थे। दीपक की मुलाकात कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी हुई। राहुल ने दीपक की पत्नी से भी बात की और कहा कि डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह कोटद्वार आकर उनसे मिलेंगे। दीपक ने राहुल से कहा कि उन्हें भगवान के अलावा किसी से डर नहीं लगता।
इस घटना के बाद राहुल गांधी ने कहा कि संघ परिवार जानबूझकर समाज और अर्थव्यवस्था में जहर घोल रहा है ताकि देश बंटा रहे। उन्होंने दीपक को भारत का नायक बताया और कहा कि वह संविधान और इंसानियत की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस पूरे मामले ने उत्तराखंड में सामाजिक तनाव और राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब सभी की नजर इस पर है कि आगे प्रशासन और राजनीतिक दल क्या रुख अपनाते हैं।
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