
नई दिल्ली । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर (Father of the Nation Mahatma Gandhi on his death anniversary) राहुल, प्रियंका और खड़गे ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की (Rahul, Priyanka and Khadge paid emotional Tributes) ।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं, वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी एक नफरत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की। मगर राष्ट्रपिता ने हमें आजादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती है और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस। यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।”
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने एक्स पोस्ट में महात्मा गांधी के एक कथन को शेयर किया। उन्होंने लिखा, “सच्चा लोकतंत्र तभी आ सकता है जब हर व्यक्ति का जीवन सुरक्षित और स्वतंत्र हो।”
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा, “वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे, पर-दुख्खे उपकार करे तोये मन अभिमान ना आणे रे, जिस नफरत ने हमें बापू से जुदा किया, उसका तोड़ भी बापू की ही राह है। सत्य का उजाला, अहिंसा की ताकत, और प्रेम की करुणा। बलिदान दिवस पर राष्ट्रपिता को नमन।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “बापू का बलिदान स्वतंत्रता के यज्ञ की पूर्णाहुति थी। उनकी प्रार्थनामय काया ने नफरत की तीन गोलियों को रोककर साम्प्रदायिक गिरोहों की साजिश को विफल कर दिया। जिस देशद्रोही गिरोह के कायरतापूर्ण कृत्य ने गुलामी के अंधकार से निकलते ही देश की रौशनी छीन ली, उस गिरोह ने हमेशा देश और देशवासियों को धोखा दिया है। उस ब्रिटिश–पोषित गिरोह ने हमेशा अंग्रेज़ी हुकूमत का साथ देकर आज़ादी की लड़ाई को कमज़ोर करने की कोशिश की थी। आज़ादी के बाद उस कायर गिरोह ने हिन्दुस्तान की जनता के महान पुरुषार्थ को नकारते हुए हमारी स्वतंत्रता का, स्वतंत्रता के महासंग्राम का, उसमें भाग लेने वाले सेनानियों का, उसके वैचारिक मूल्यों, प्रतीकों और उसकी विरासत का षड्यंत्रपूर्वक अपमान किया है।”
उन्होंने आगे लिखा, “उस साम्प्रदायिक गिरोह को यह भ्रांति थी कि हमारे ‘राष्ट्रपिता’ के नश्वर शरीर को मिटाकर उनके विचारों को मिटाया जा सकता है। अब उस गिरोह को ऐसा अनुमान है कि वह ‘महात्मा गांधी’ के नाम को मिटाकर उनकी लोक-स्मृति को मिटा सकता है। उस गिरोह को यह समझना पड़ेगा कि पूरी दुनिया जिस महापुरुष के विचार–दर्शन के आगे नतमस्तक है, उसकी महानता को किसी कृतघ्न गिरोह की क्षुद्रता से कोई फ़र्क नहीं पड़ता है। वे संसार के क्षितिज पर दैदीप्यमान सूर्य की भांति हैं, जिनके वैचारिक प्रकाश से विश्व आलोकित होता है। पूज्य बापू के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि और सादर नमन।”
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