
नई दिल्ली। मॉनसून (Monsoon) सीजन खत्म हो चुका है और इस बार देश में सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश (Rain) दर्ज की गई है. मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर मॉनसून सीजन (Monsoon season) की समाप्ति का ऐलान कर दिया. मॉनसून की वापसी अभी जारी है और जाते-जाते भी यह देश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर छोड़ रहा है. 1 अक्टूबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में बारिश हो सकती है, जबकि उत्तर और पश्चिम भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम सूखा रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के 30 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में भारी बारिश की बहुत ज्यादा संभावना है. वहीं केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और दक्षिणी कर्नाटक में कई जगह बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है. यहां ‘अलग-थलग’ बारिश का मतलब ऐसे सीमित इलाकों से है, जहां करीब 25 फीसदी तक मौसम केंद्रों पर बारिश दर्ज हो सकती है।
दिल्ली समेत उत्तर भारत में मौसम सूखा रहेगा
दूसरी तरफ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मराठवाड़ा, विदर्भ और पश्चिम मध्य प्रदेश समेत उत्तर और पश्चिम भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम सूखा रहने का अनुमान है. आईएमडी के मुताबिक, मॉनसून आमतौर पर सितंबर के बीच में उत्तर-पश्चिम भारत से लौटना शुरू करता है और अक्टूबर के मध्य तक देश से पूरी तरह विदा हो जाता है. इस समय मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर और दीसा होते हुए गुजरात के नलिया तक बनी हुई है.
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं. गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों के साथ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पूरे इलाकों में भी मॉनसून की वापसी के लिए मौसम अनुकूल होने की संभावना है. बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों में मॉनसून की वापसी आगे बढ़ सकती है.
कर्नाटक में 10 सेंटीमीटर बारिश
कर्नाटक में बुधवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में कई जगह अच्छी बारिश दर्ज की गई. तुमकुरु जिले के किब्बनहल्ली में 10 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो इस अवधि में आईएमडी के रिकॉर्ड के मुताबिक सबसे ज्यादा रही. केरल और माहे, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगह गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अनुमान है. आंध्र प्रदेश में सतह के पास भी तेज हवाएं चल सकती हैं.
पूर्वोत्तर में बारिश की वजह क्या?
पूर्वोत्तर भारत में भी 1 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रह सकता है. असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिखरी हुई बारिश हो सकती है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ मौसम बदल सकता है. आईएमडी के मुताबिक, पूर्वोत्तर में बारिश की वजह उत्तर म्यांमार और उसके आसपास दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र है. यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में मिजोरम और त्रिपुरा की ओर बढ़ सकता है और अगले 12 घंटे में कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है.
बेंगलुरु में फिर जलभराव का खतरा
बेंगलुरु में भी बारिश को लेकर चिंता बनी हुई है. होसकोटे में बहुत तेज बारिश हुई है. हवा की बदलती दिशा बारिश वाले सिस्टम को केआईए एयरपोर्ट की ओर धकेल रही है. सिस्टम की रफ्तार धीमी रहने की वजह से बारिश का यह दौर भी धीरे-धीरे आगे बढ़ सकता है. उनके मुताबिक, अगर ऐसे बारिश वाले सेल बेंगलुरु के ऊपर बनते हैं, जिसकी आने वाले घंटों में संभावना है, तो शहर में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
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