
एमआर-9 बनी शहर की सबसे महंगी दुकान, 50 करोड़ इसकी न्यूनतम कीमत, इसे लेने के लिए अब और ऊंची बोली भी लगेगी
जिले की 173 दुकानों को 56 समूहों में बांटा, आज से शुरू होगी नीलामी
इंदौर, विकाससिंह राठौर।
शहर में शराब की दुकानों (liquor stores) की कीमतें आसमान छू रही हैं। विश्वास करना मुश्किल है, लेकिन इंदौर (Indore) में एक शराब दुकान की एक साल की कीमत 50 करोड़ (Rs 50 crore) तक पहुंच चुकी है। ऐसी ही कुछ और भी दुकानें है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह इन दुकानों की न्यूनतम कीमत है। इन्हें खरीदने के लिए अब और ऊंची बोली भी लगेगी। आज से इन दुकानों की नीलामी शुरू होने जा रही है।
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग द्वारा जिले की 173 शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य शासन द्वारा तैयार की गई नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत मध्यप्रदेश की सभी शराब दुकानों की कीमतों में 20त्न की वृद्धि की गई है। इसके बाद आबकारी विभाग ने मौजूदा वर्ष में जिस कीमत पर शराब दुकान नीलाम की गई थी, उसमें 20त्न की वृद्धि के साथ सेल लेटर जारी किया है। इसमें इंदौर की 173 शराब दुकानों को 56 समूहों में बांटा गया है। इनका न्यूनतम आरक्षित मूल्य 2102 करोड़ रखा गया है। इसमें शहर की कई दुकानें 40 से 50 करोड़ तक पहुंच गई हैं। इनमें एमआर-9 दुकान सबसे महंगी घोषित हुई है, जबकि स्कीम नं.-54 सबसे महंगा समूह है।
60 करोड़ तक जा सकती है बोली
इंदौर जिले की 173 दुकानों में सबसे महंगी दुकान एमआर-9 की है। आबकारी विभाग ने इसका आरक्षित मूल्य 49.94 करोड़ तय किया है। उम्मीद है कि इसे लेने के लिए इस कीमत से भी 10 से 20त्न तक ऊंची बोली लग सकती है। शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित होने और भारी बिक्री क्षमता के कारण यह दुकान सबसे ज्यादा कमाई की दुकान भी मानी जाती है।
सबसे महंगा समूह स्कीम 154
आबकारी विभाग द्वारा जारी किए गए सेल पेपर में स्कीम 54 समूह का कुल आरक्षित मूल्य 134.95 करोड़ है। इसमें स्कीम 54, स्कीम 78, लसूडिय़ा गोदाम 1, लसूडिय़ा मोरी और निरंजनपुर की कुल 5 शराब दुकानें शामिल हैं। इसके बाद एमआर-9 समूह में 4 दुकानों की कीमत 130 करोड़ है।
सबसे ज्यादा बिक्री भी यहीं
जिले में सबसे अधिक शराब की खपत एमआर-9 दुकान पर दर्ज की गई है। इसके बाद स्कीम 54 क्षेत्र और द्वारकापुरी क्षेत्र प्रमुख बिक्री केंद्र रहे। ये इलाके व्यावसायिक गतिविधियों और ज्यादा लोगों के आवागमन के कारण जिले की कुल बिक्री का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करते हैं।
23 लाख में भी है दुकान, कम भी हो सकती हंै कीमतें
ऐसा नहीं है कि सभी दुकानें करोड़ों में बिकेंगी। इंदौर के ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानें कुछ लाख में भी उपलब्ध हैं। जिले की सबसे सस्ती दुकान बोरसी की है, जिसकी कीमत 23.46 लाख रखी गई है। वहीं ऐसी दुकानें, जिन्हें लेने में शराब ठेकेदार रुचि नहीं दिखाएंगे, उनकी कीमतें सरकार द्वारा नीलामी में कोई ऑफर नहीं मिलने पर कम भी की जा सकती हैं। हर साल कुछ दुकानों को लेकर ऐसा देखने को मिलता है।
आज से शुरू हो रही है नीलामी प्रक्रिया, 2 मार्च को खुलेंगे टेंडर
जिले की 173 दुकानों को 56 समूहों में बांटा गया है। इनमें से बैच 1 में शामिल 19 समूहों की 58 दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। इच्छुक व्यापारी 2 मार्च तक टेंडर जमा कर सकते हैं। इन्हें 2 मार्च को ही खोला जाएगा। इसके बाद बाकी के समूहों की बिक्री शुरू होगी।
– अभिषेक तिवारी, सहायक आबकारी आयुक्त, इंदौर
टॉप 10 सबसे महंगी शराब दुकानें
1. एमआर-9 – 49.94 करोड़
2. स्कीम नं.-54 – 49.45 करोड़
3. द्वारकापुरी – 42.87 करोड़
4. एमआईजी – 40.42 करोड़
5. कनाडिय़ा चौराहा – 36.80 करोड़
6. राऊ क्रमांक-1 – 36.66 करोड़
7. चंद्रगुप्त चौराहा – 34.26 करोड़
8. पीपल्यापाला – 33.73 करोड़
9. आनंद बाजार – 31.54 करोड़
10. मूसाखेड़ी-1 – 31.11 करोड़
टॉप 5 सबसे महंगे समूह
1. स्कीम-54 – 134.95 करोड़
2. एमआर-9 – 130.09 करोड़
3. एमआर-10 – 99.38 करोड़
4. एमआईजी- 98.03 करोड़
5. आनंद बाजार- 78.18 करोड़
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