
नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitaraman) ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी से (Reduction in excise duty on Petrol and Diesel) उपभोक्ताओं को सुरक्षा मिलेगी (Will provide protection to Consumers) ।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी। इससे पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो कि पहले 13 रुपए प्रति लीटर थी। डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होकर शून्य हो गई है, जो कि पहले 10 रुपए प्रति लीटर थी।
वित्त मंत्री ने पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लागत में उतार-चढ़ाव से बचाया जाए। इसके अलावा, डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का शुल्क लगाया गया है। इससे घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
उम्मीद की जा रही है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) बढ़ते नुकसान की भरपाई के लिए इस कटौती को स्वयं समायोजित करेंगी। कच्चे तेल की कीमत में भारी वृद्धि के कारण ओएमसी को ईंधन की रिटेल बिक्री पर बड़ा नुकसान हो रहा है। मध्यू पूर्व में तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बीते एक महीने में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 40 प्रतिशत बढ़ चुका है। फिलहाल यह 101 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है।
पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होने को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक अहम कदम बताया। गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह निर्णय 140 करोड़ भारतीयों को वैश्विक अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करेगा। पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उठापटक के बावजूद, केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करके प्रत्यक्ष मूल्य राहत सुनिश्चित की है। डीजल और एविएशन टरबाइन ईंधन पर रणनीतिक निर्यात शुल्क लगाकर घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भारत की विकास गति निर्बाध बनी रहे।
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