
जबलपुर। जिले के कुंडम तहसील के राजा इमली गांव से एक चौंकाने वाला भूमि घोटाला सामने आया है, जहां आदिवासियों की करीब 500 एकड़ जमीन पर कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर कब्जा कर लिया गया। इस मामले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि पिछले दो दशकों से पदस्थ पटवारी राजकुमार गोटिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आदिवासी परिवारों को आवंटित पट्टे की जमीन को रिकॉर्ड में हेरफेर कर बिल्डरों और रसूखदार लोगों के नाम दर्ज कर दिया। बताया जा रहा है कि इस घोटाले से करीब 150 आदिवासी परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनकी जमीन अब उनके हाथों से निकल चुकी है। पीडि़तों का कहना है कि उन्हें इस घोटाले की भनक तब लगी जब उनकी जमीन पर बाहरी लोगों द्वारा कब्जा किया जाने लगा। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें दस्तावेज दिखाकर चुप करा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीडि़त परिवारों ने एकजुट होकर उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मामले के उजागर होने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह घोटाला न सिर्फ आदिवासी अधिकारों पर सीधा हमला है, बल्कि सिस्टम में बैठे भ्रष्टाचार की एक बड़ी तस्वीर भी उजागर करता है।
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