मास्को । रूस की कोरोना वैक्सीन की सप्लाई और उत्पादन को लेकर भारत और रूस के बीच कई स्तरों पर बातचीत चल रही है. जल्द ही ये वैक्सीन भारत को मिल सकती है.
भारत में रूस के राजदूत निकोलेय कुशादेव ने बताया कि ये बातचीत अपने अंतिम चरणों में है और जल्द ही इस बारे में कोई बड़ा एलान किया जा सकता है.एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने भारत के साथ स्पूतनिक V को लेकर सहयोग के तरीके साझा किए हैं. फिलहाल भारत सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि इस वैक्सीन को कैसे इस्तेमाल में लाया जा सकता है.
रूस के राजदूत कुशादेव ने कहा ‘कुछ जरूरी तकनीकी प्रक्रियाओं के बाद वैक्सीन बड़े पैमाने पर (अन्य देशों में भी) इस्तेमाल की जा सकेगी.’ इस बारे में राजनाथ के SEO की बैठक के लिए रूस दौरे के दौरान भी एक रूसी प्रतिनिधिमंडल से वैक्सीन के भारत आने के बारे में चर्चा हुई है. अब विदेश मंत्री एस जयशंकर के हालिया रूस दौरे के दौरान भी कोरोना के टीके को लेकर चर्चा होगी.
बता दें कि रूस इसी हफ्ते से कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी को आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने जा रहा है. इस वैक्सीन को मॉस्को के गामलेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ने रूसी रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर एडेनोवायरस को बेस बनाकर तैयार किया है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 अगस्त को दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन को लॉन्च किया था. रूस के साथ वैक्सीन की सप्लाई, साथ मिलकर उत्पादन समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हो रही है.
रूसी न्यूज एजेंसी TASS ने रशियन एकेडमी ऑफ साइंसेस में डेप्युटी डायरेक्टर डेनिस लोगुनोव के हवाले से कहा कि स्पूतनिक वी वैक्सीन को रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति के बाद व्यापक उपयोग के लिए जारी किया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्रालय इस वैक्सीन का टेस्ट कुछ दिनों में शुरू करने जा रहा है और हम कुछ ही दिनों में इसकी अनुमति हासिल कर लेंगे.

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