मॉस्को/इस्लामाबाद। वैश्विक ऊर्जा संकट (Global energy crisis) के बीच रूस ने पाकिस्तान (Russia Pakistan) को सस्ते कच्चे तेल की पेशकश (crude oil offer) की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उनका देश रियायती दरों पर तेल उपलब्ध कराने के लिए “पूरी तरह तैयार” है। उन्होंने पाकिस्तान से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील भी की।
औपचारिक प्रस्ताव का इंतजार
खोरेव ने स्पष्ट किया कि अभी तक इस संबंध में पाकिस्तान की ओर से कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र दोनों देशों के सहयोग का प्रमुख आधार है और आगे की प्रगति इस्लामाबाद की पहल पर निर्भर करेगी।
मध्य पूर्व संकट का असर
होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है, जहां सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20% तक बढ़ोतरी करनी पड़ी है। हालांकि, सरकार का कहना है कि हालात सामान्य होने पर कीमतों में राहत दी जा सकती है।
पहले भी हो चुका है आयात
पाकिस्तान पहले भी सीमित मात्रा में रूस से रियायती तेल खरीद चुका है, लेकिन उसकी अधिकांश जरूरतें सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देशों से पूरी होती हैं। मौजूदा संकट के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे वैकल्पिक स्रोतों की तलाश तेज हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2026 में पाकिस्तान को रूसी तेल की एक बड़ी खेप मिलने की संभावना है। हालांकि, तकनीकी चुनौती यह है कि पाकिस्तान की रिफाइनरियां हल्के कच्चे तेल के लिए अधिक अनुकूल हैं, जबकि रूसी ‘उराल्स’ क्रूड अपेक्षाकृत भारी होता है।
अमेरिकी कार्रवाई पर रूस की प्रतिक्रिया
रूसी राजदूत ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील की।
तेल संकट के बीच रूस की यह पेशकश पाकिस्तान के लिए राहत का विकल्प बन सकती है, लेकिन इसकी दिशा और प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
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