
आज के भारतीय युवा भजनों की ओर फिर से जुड़ रहे हैं, लेकिन पुराने धीमे अंदाज़ में नहीं। वे ऐसा भक्ति संगीत चाहते हैं जिसे वे सिर्फ सुनें नहीं, बल्कि महसूस भी करें। तेज़ रिदम और एनर्जी से भरपूर भक्ति गीत आज युवाओं को आस्था से जोड़ने का नया तरीका बन रहे हैं।
सा रे गा मा पा के 11 बार विजेता और प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले गायक अभिजीत घोषाल ने इसी सोच के साथ अपनी नई रचना क्लबमिक्स हनुमान चालीसा रिलीज़ की है। इसमें उन्होंने हनुमान चालीसा को तेज़, आधुनिक और एनर्जेटिक अंदाज़ में पेश किया है, लेकिन इसकी भक्ति भावना को पूरी तरह बनाए रखा है।
“आज के युवा ऐसे भजनों की ओर आकर्षित होते हैं जिनमें रिदम, ऊर्जा और जान हो,” अभिजीत घोषाल कहते हैं। “वे सिर्फ गाना नहीं गाना चाहते, बल्कि भक्ति को महसूस करना चाहते हैं। जब संगीत उन्हें शारीरिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से छूता है, तो वह उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है।”
यही सोच उनकी नई पेशकश क्लबमिक्स हनुमान चालीसा के पीछे है। प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले, 11 बार सा रे गा मा पा के विजेता और बहुमुखी गायक अभिजीत घोषाल ने भारत के सबसे प्रिय मंत्रों में से एक हनुमान चालीसा को तेज और आधुनिक अंदाज़ में पेश किया है, लेकिन इसकी भक्ति भावना को पूरी तरह बनाए रखा है।
वे कहते हैं,“हनुमान चालीसा हमेशा से मेरे दिल के बहुत करीब रही है। मैं ऐसा रूप बनाना चाहता था जो आस्था का सम्मान करे और साथ ही उस युवा पीढ़ी से भी जुड़े, जो ऊर्जा और लगातार गतिविधियों से भरी दुनिया में रहती है।”क्लबमिक्स हनुमान चालीसा में पारंपरिक धुनों को इलेक्ट्रॉनिक बीट्स, तेज़ टेम्पो और आधुनिक म्यूज़िक तकनीक के साथ जोड़ा गया है। आमतौर पर क्लबमिक्स को डांस फ्लोर से जोड़ा जाता है, लेकिन अभिजीत इसे भक्ति संगीत को और ज़्यादा गहराई से महसूस कराने का तरीका मानते हैं।
वे बताते हैं,“एक बार का ज़ोरदार अनुभव नहीं, बल्कि नियमित जुड़ाव ही सच्चा रिश्ता बनाता है। जब युवा रोज़ ऐसे भजन से जुड़ते हैं, जिनमें उन्हें पसंद आने वाली रिदम और ऊर्जा होती है, तो भक्ति अपने आप उनकी ज़िंदगी का हिस्सा बन जाती है। भक्ति का शांत होना ज़रूरी नहीं, ताकतवर होना ज़रूरी है।”
इस रिलीज़ के साथ, हर बीट और हर धुन आस्था को और मज़बूत करती है और श्रोताओं को नए अंदाज़ में मंत्र को महसूस करने, ध्यान करने और उससे जुड़ने के लिए प्रेरित करती है। इस गाने में जेसन मालू का संगीत है, अजय कुमार सिंह ने स्वरत स्टूडियो में डबिंग, मिक्सिंग और मास्टरिंग की है, और इसके बोल गोस्वामी तुलसीदास जी की श्री राम चरित मानस से लिए गए हैं। अभिजीत घोषाल ने खुद इसका अरेंजमेंट, कंपोज़िशन और गायन किया है, जिससे परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल देखने को मिलता है।
अभिजीत आगे कहते हैं,“यह सिर्फ संगीत नहीं है, यह एक अनुभव है। यहाँ रिदम और भक्ति मिलती हैं, ऊर्जा और आस्था एक साथ आती हैं, और श्रोता मंत्र की शक्ति को सच में महसूस कर पाते हैं। आध्यात्म और ऊर्जा साथ-साथ नाच सकते हैं, और यही इस ट्रैक का उद्देश्य है।”
गोस्वामी तुलसीदास जी की श्री राम चरित मानस से लिए गए शब्दों, अभिजीत घोषाल की आवाज़ और कंपोज़िशन, जेसन मालू के संगीत और अजय कुमार सिंह की मिक्सिंग-मास्टरिंग के साथ यह प्रस्तुति आस्था, रिदम और भावना का ऐसा संगम बनती है, जहाँ भक्ति एक नए, जीवंत रूप में सामने आती है।
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