
नई दिल्ली । संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) ने इस शिवरात्रि अपनी नई फिल्म (New Film) ‘जय सोमनाथ’ की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) पर हुए 17 बार के हमलों और उसकी पुनर्निर्माण (Reconstruction) की कहानी पर्दे पर उतारी जाएगी। सदियों से सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं रहा बल्कि हमारी सभ्यता (Civilization) की कभी न हारने वाली हिम्मत का प्रतीक रहा है।
भंसाली ने इस फिल्म के लिए केतन मेहता के साथ हाथ मिलाया है। दोनों फिल्ममेकर मिलकर महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ पर किए गए हमलों और मंदिर की जीत की कहानी को भव्यता के साथ दर्शकों के सामने पेश करेंगे।
इतिहास बताता है कि सोमनाथ मंदिर पर लगभग छह सदियों तक बार-बार हमले हुए। सबसे पहला बड़ा हमला 1026 ईस्वी में महमूद गजनी ने किया था। उस समय मंदिर लूटा गया, ज्योतिर्लिंग को नुकसान पहुंचा और भारी संपत्ति ले जाई गई। इसके बाद 1299 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी के जनरल उलग खान ने मंदिर पर हमला किया और कहा जाता है कि मूर्ति को दिल्ली ले गए।
इसके अलावा, 1395 ईस्वी में जफर खान और 1451 ईस्वी में महमूद बेगड़ा ने मंदिर को नुकसान पहुंचाया। 1665 ईस्वी में औरंगजेब के आदेशों के तहत भी मंदिर को तोड़ा गया। हर हमले के बाद सोमनाथ मंदिर को फिर से बनाया और संवारा गया और आज यह करोड़ों श्रद्धालुओं का केंद्र बना हुआ है।
भंसाली पहले भी इतिहास से जुड़े मुद्दों को बड़े पर्दे पर ला चुके हैं। उनकी फिल्म ‘पद्मावत’ में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी की कहानी दिखाई गई थी। इसके अलावा ‘हीरामंडी’ और ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ जैसी फिल्मों में भी वास्तविक घटनाओं को पर्दे पर उतारा गया।
‘जय सोमनाथ’ के जरिए दर्शकों को भारतीय इतिहास के उस हिस्से की झलक मिलेगी जिसे आज तक किसी ने बड़े पर्दे पर नहीं दिखाया। महमूद गजनी और अन्य आक्रांताओं के हमलों के बीच मंदिर की कहानी, उसकी आस्था और भारतीय सभ्यता की वीरता को भव्य तरीके से पेश किया जाएगा।
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