
नई दिल्ली ।महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप (Mahadev Online Betting App) मामले में भारतीय जांच एजेंसियों (Indian Investigative Agencies) को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के सह-प्रवर्तक रवि उप्पल (Ravi Uppal) को संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) में गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद अब भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने की प्रक्रिया में जुट गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, उप्पल के खिलाफ जारी इंटरपोल रेड नोटिस (Interpol Red Notice) के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उसकी गिरफ्तारी (Arrest) को इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
46 वर्षीय रवि उप्पल छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर का रहने वाला है। भारतीय जांच एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। अब UAE में गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) उसके प्रत्यर्पण से जुड़ी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत का प्रयास है कि उसे यहां लाकर मामले से जुड़े आरोपों और वित्तीय गतिविधियों के संबंध में पूछताछ की जा सके।
इस कार्रवाई का घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब महादेव ऐप मामले में एक अन्य कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भी हाल ही में विदेश से भारत लाया गया है। एक नवंबर को CBI की टीम उसे ओमान से वापस लेकर आई थी। ओमान की अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में चंद्राकर को भारत प्रत्यर्पित करने की अनुमति दी थी। इस मामले में ED की ओर से जांच की जा रही है।
सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के प्रमुख कथित प्रमोटरों के रूप में देखा जा रहा है। दोनों के खिलाफ चल रही जांच में वित्तीय लेनदेन और कथित अवैध गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। चंद्राकर की भारत वापसी के बाद अब उप्पल की गिरफ्तारी से जांच एजेंसियों को मामले के दूसरे प्रमुख व्यक्ति तक पहुंचने का अवसर मिला है।
इधर, सौरभ चंद्राकर को भारत लाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में कानूनी कार्रवाई भी तेज हो गई है। रायपुर जिले की विशेष अदालत ने बुधवार को उसे आठ दिनों के लिए CBI की हिरासत में भेज दिया। करीब 6,000 करोड़ रुपये के महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में उसे मुख्य आरोपी बताया गया है। CBI ने अदालत से पूछताछ के लिए दस दिनों की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने आठ दिन की अनुमति दी।
इससे पहले सोमवार को चंद्राकर को दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा गया था। इसके बाद मंगलवार शाम को उसे विमान से रायपुर लाया गया। बुधवार को अदालत में पेशी के दौरान उसकी हिरासत को लेकर सुनवाई हुई। अदालत ने CBI को पूछताछ के लिए उसे दिल्ली ले जाने की अनुमति भी दे दी है। बचाव पक्ष के वकील तुषार गिरी ने इस फैसले की जानकारी दी।
इस मामले में CBI ने 18 दिसंबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद राज्य और केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं के आधार पर जांच की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ की राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा से लेकर CBI को सौंप दी गई थी। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने मामले की जांच अपने स्तर पर आगे बढ़ाई।
अब रवि उप्पल की UAE में गिरफ्तारी और सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी से महादेव ऐप मामले की जांच एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। भारतीय एजेंसियों के सामने उप्पल का प्रत्यर्पण सुनिश्चित करना अगला अहम कदम है। उसके भारत आने के बाद मामले से जुड़े कथित नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपों की जांच में नई जानकारी सामने आने की संभावना है। हालांकि, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने और आगे की पूछताछ के बाद ही जांच की दिशा को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
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