
जामिया: जामिया इस्लामिया (Jamia Islamia) में पिछले 14 दिन से छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इन छात्रों की तीन मांगे हैं जिसमें मुख्य मांग जामिया मिल्लिया में स्टूडेंट यूनियन बहाली को लेकर है. भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के साथ इस वक्त कैंपस के अंदर 100-150 छात्र धरने पर बैठे हुए हैं. छात्रों की मांग है कि छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित की जाए, मुख्य प्रॉक्टर को हटाया जाए और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस ली जाए. इन छात्रों में से एक छात्र फैजान ने बताया, “सिक्योरिटी एडवाइजर यहां का गाली देकर बात करता है उसको तुरंत हटाने की मांग हमारी है. एडमिनिस्ट्रेशन परेशान करने का काम करता है.”
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बनाई कमेटी
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्र संघ का संविधान तैयार करने के लिए कमेटी बनाई है, लेकिन छात्र चुनाव की समयसीमा घोषित करने की मांग पर अड़े हैं. 24 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच टकराव हुआ. इसके बाद यूनिवर्सिटी ने सभी कक्षाएं ऑनलाइन करने और लाइब्रेरी बंद रखने का फैसला लिया.
कैंपस में विवादित नारे लिखे जाने का मामला भी सामने आया है, हालांकि प्रदर्शनकारी छात्रों ने इन नारों से अपना संबंध होने से इनकार किया है. छात्र अरमान मलिक का कहना है कि मेरा हॉस्टल यहीं है, लेकिन ID कार्ड होने के बावजूद मुझे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा. लंच का समय है, अब खाना खाने कहां जाएं? मेरी तबीयत खराब है, लेकिन मुझे हेल्थ केयर सेंटर भी नहीं जाने दिया जा रहा.
‘छात्र संघ होता तो हमारी समस्याओं को उठाया जाता’
वहीं अन्य छात्र का कहना है कि इसी वजह से हम स्टूडेंट यूनियन की मांग कर रहे हैं. अगर छात्र संघ होता, तो हमारी समस्याओं को उठाया जाता और हमें हॉस्टल की सुविधा मिल पाती. छात्र मोहम्मद आर्यन ने कहा कि मुझे हॉस्टल नहीं मिल पाया है. अंदर इमरजेंसी मेडिकल की सुविधा भी है, लेकिन वहां भी जाने नहीं दिया जा रहा.
छात्रों का कहना है कि हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे हम आतंकवादी हों. गार्ड हमें जिहादी कह रहे हैं. हमारा एक दोस्त अंदर है, लेकिन उसे बाहर नहीं आने दिया जा रहा. वहीं महिला छात्राओं ने बताया कि हमें मेडिकल इमरजेंसी के लिए भी हॉस्पिटल नहीं जाने दिया जा रहा. मेरे पास ID कार्ड है, फिर भी हॉस्टल के अंदर जाने से रोका जा रहा है.
छात्रों ने प्रशासन पर लगाए आरोप
अन्य छात्रा ने कहा कि यह हमारी यूनिवर्सिटी है और हॉस्टल भी यहीं है, लेकिन हम अपने ही हॉस्टल में नहीं जा सकते. कुछ देर पहले तक हमें अंदर जाने दिया जा रहा था. बता दें कि छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन चल रहा है. हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिलने को लेकर छात्रों की शिकायतें जारी हैं. साथ ही मेडिकल इमरजेंसी और हेल्थ केयर सेंटर तक पहुंचने में परेशानी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. छात्रों का सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी आरोप है.
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